सतलोक आश्रम के मुखिया और देशद्रोह के आरोपी रामपाल ने नक्सलियों से अपने साथियों के संबंध स्वीकार किए हैं। उसने कहा है कि बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से आने वाले कई अनुयायी नक्सली क्षेत्रों से हैं और उनके संबंध वहां सक्रिय नक्सली संगठनों से भी हैं।
यही नहीं रामपाल ने अपने कई साथियों का आपराधिक रिकॉर्ड होना भी स्वीकार किया है। यह खुलासा सोमवार को उस वक्त हुआ जब पुलिस ने रामपाल को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अपनी डिस्क्लोजर रिपोर्ट में बताया है कि रामपाल के साथियों के नक्सलियों से संबंध हैं।
पुलिस ने अदालत के सामने यह भी कहा कि नक्सलियों से संबंधों से पूरी जानकारी हासिल करने के लिए अभी रामपाल से और पूछताछ की जरूरत है। इसी आधार पर कोर्ट ने रामपाल की सात की रिमांड मंजूर कर ली।
नौ लोगों का मिला आपराधिक रिकॉर्ड
रविवार को पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद सोमवार को रामपाल को हिसार कोर्ट में पेश किया गया। यहां पुलिस ने अपनी डिस्क्लोजर रिपोर्ट में बताया कि रामपाल ने अपने कई साथियों के आपराधिक रिकॉर्ड होने की बात कही है।
इसमें यह भी कहा गया है कि कई अनुयायी बिहार, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ से यहां आते थे, जो नक्सल गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। सतलोक आश्रम के पूरे घटनाक्रम में ये लोग रामपाल के साथ रहे हैं। बताया जाता है कि यही लोग यहां असलहों और कमांडो को ट्रेनिंग दे रहे थे।
पुलिस ने बताया है कि अभी तक की जांच में नौ लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। इन लोगों के खिलाफ उपद्रव, हत्या, मारपीट, चोरी के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों के अभियुक्तों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड पता करने की प्रक्रिया जारी है।