वह एक साल से स्कूली छात्रा को धमकी दे रहा था कि उसका साथ दे, नहीं तो उसके पोर्न mms बनवाकर वीडियो रिकार्डिंग करवा देगा। इस धमकी से छात्रा तनावग्रस्त हो गई और उसने स्कूल जाना छोड़ दिया।
मां-बाप ने जब बेटी के मोबाइल चेक किए तो उसमें भी काफी गलत एसएमएस निकले। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस ने उसे 18 अप्रैल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। 24 अप्रैल को पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया।
एक साल तक चली सुनवाई
इसके उपरांत मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो गई। कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 14 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत कोर्ट ने सौरभ को दोषी करार दिया।
जबकि ईशान अग्रवाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने सौरभ को भादंसं की धारा 354 ए में छह महीने की सजा तथा एक हजार रुपए जुर्माना, 354 डी में एक साल की कैद तथा 3000 रुपए जुर्माना, 504 में एक साल की कैद 1000 रुपए जुर्माना तथा पोक्सो एक्ट में एक साल में कैद तथा एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
मानसिक चिकित्सक से चला इलाज
यमुनानगर को दी शिकायत में महिला ने कहा कि उसकी 17 वर्षीया बेटी शहर के निजी स्कूल में पढ़ती है। रायपुर निवासी सौरभ उसकी बेटी को एक साल से परेशान कर रहा है। जिस कारण उसकी बेटी तनावग्रस्त हो गई।
इसी कारण एक साल से स्कूल नहीं गई। मई 2012 में मानसिक चिकित्सक से उसका ईलाज करवाया। इसके बाद उसने फिर से अपनी बेटी का स्कूल में दाखिला करवा दिया।
एक अप्रैल 2013 से बेटी ने फिर से स्कूल जाना शुरू कर दिया। सौरभ ने फिर से उसकी बेटी का पीछा करना शुरू कर दिया। पीड़िता की मां के मुताबिक सौरभ उसकी बेटी को ब्लैकमेल कर रहा है और कहता है कि वह उसका एमएमएस बनवा देगा तथा विडियो रिकार्डिंग करवा देगा। सौरभ से तंग आकर उसकी बेटी ने फिर से स्कूल जाना बंद कर दिया।
आरोपी का एक साथी और
पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर सौरभ के खिलाफ भादंसं की धारा 354 ए, 354 डी, 323 तथा प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रन फरोम सैक्सुअल ऑफेंस एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने केस दर्ज करने के उपरांत छह अप्रैल को सौरभ को गिरफ्तार किया।
सात अप्रैल को उसे कोर्ट में पेश किया। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में ईशान अग्रवाल को भी दोषी पाया। जब उसके मोबाइल फोन के एसएमएस की जांच की, तो पता चला कि वह गलत एसएमएस करता था।