एसबीआई के एक मैनेजर ने पहले बैंक में तोड़फोड़ की और फिर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी, वह नीचे खड़ी कार पर जाकर गिरा। उनके सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल वह सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। बताया गया है कि वह पिछले कुछ समय से तनाव में जी रहे थे। हालांकि खुद को बचाने के लिए बैंक अधिकारी लगातार इस मामले को दबाने का प्रयास करते रहे।
अब पुलिस को भी इस घटना की सच्चाई जानने के लिए जख्मी बैंक प्रबंधक के बयान का इंतजार है। सेक्टर-4 में रहने वाले बैंक प्रबंधक सुरेश मीणा पिछले कुछ दिनों से सस्पेंड चल रहे हैं। मूल रूप से वह राजस्थान के रहने वाले हैं जबकि उनके पिता सोमवार को अजमेर में थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंक मैनेजर करीब साढ़े चार बजे सेक्टर-पांच स्थित बैंक पहुंचे।
यहां पहले मैनेजर ने निचले फ्लोर पर दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की। कुर्सियां उठाकर इधर उधर फेंक दी। इस दौरान कुछ कर्मियों ने रोकने की भी कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुके। इसके बाद वह तीसरी मंजिल पर पहुंच गए। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक उन्होंने नीचे छलांग लगा दी। अचानक ऐसी घटना से सभी भौचक्के रह गए।
घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई जबकि गंभीर रूप से जख्मी मैनेजर को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में मैनेजर के बेहोश होने की वजह से पुलिस उनके बयान दर्ज नहीं कर सकी है। उधर, बैंक अधिकारियों से जब इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने मामले को दबाने का प्रयास करते हुए कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
बढ़ते दबाव के कारण की आत्महत्या की कोशिश
माना यह भी जा रहा है कि मीणा अपने दफ्तर की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। पहले से ही मानसिक तौर पर परेशान होने के साथ साथ बढ़ते दबाव के कारण उन्हें आत्महत्या का प्रयास किया। सेक्टर-चार में वह अपने परिवार के साथ रहते हैं।