इनकी पहचान सेक्टर-56, चंडीगढ़ निवासी राजेश कुमार और सेक्टर-41, चंडीगढ़ निवासी विजय राणा के रूप में हुई है। इनके अलावा मोहाली के जलवायु विहार निवासी जॉनी बागला और पंचकूला के सेक्टर-19 निवासी अश्वनी चौहान के रूप में हुई है। चंडीगढ़ का रहने वाला राजेश कुमार इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक यह गिरोह अपने फोन और लैपटॉप के जरिये मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी का धंधा चलाता था। जिस समय पुलिस ने इन्हें दबोचा उस समय भी गिरोह के सदस्य अपनी आई-20 कार में बैठकर क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवा रहे थे। दबिश के दौरान डीएसपी खरड़ रुपिंदर कौर सोही भी मौके पर मौजूद थीं। सीआईए इंचार्ज ने बताया कि यह गिरोह क्रिकेट मैचों में सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। सट्टेबाजी के साथ ही ये लोग नशे का कारोबार भी कर रहे थे। तलाशी के दौरान गिरोह के सरगना राजेश कुमार के पास से 300 ग्राम नशे का पाउडर बरामद किया गया।
इसके अलावा गिरोह के कब्जे से दो लाख दो हजार रुपये की सट्टे की रकम, चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और 10 सीरिंज बरामद की गई हैं। पुलिस को इनके पास से चार रजिस्टर भी बरामद हुए, जिसमें सट्टा लगाने वालों का ब्योरा दर्ज है। इनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत थाना खरड़ सदर में केस दर्ज किया गया है। मंगलवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने इस गिरोह से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई है। लिहाजा अदालत ने चारों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने माना कि ये लोग पिछले लंबे समय से सट्टेबाजी और नशे के कारोबार को चला रहे हैं। गिरोह का सरगना राजेश कुमार पासवान है, जो कि चंडीगढ़ का रहने वाला है। यह गिरोह अपना ज्यादातर कारोबार ट्राइसिटी में ही चलाता था। गिरोह के सरगना पर चंडीगढ़ और मोहाली में जुआ, इरादतन कत्ल और आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। इसी साल 13 अक्तूबर को भी चंडीगढ़ के सेक्टर-39 थाने में राजेश कुमार के खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।