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पीड़िता ने खोला साध्वी से समलैंगिक शादी का 'सच'

Sun, 14 Dec 2014 03:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
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जबरन समलैंगिक विवाह और यौन शोषण का दंश झेल रही नाबालिग ने साध्वियों का सच खोला जो चौंकाने वाला है। लघु सचिवालय पहुंची किशोरी ने बताया कि दोनों साध्वियां उसे भी साध्वी बनाना चाहती थीं। इसके लिए उसका आधार कार्ड और अन्य कागजात भी अपने पास मंगवा लिए थे। सभी उसके 18 वर्ष के होने का इंतजार कर रहे थे।
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बालिग होते ही उसे साध्वी बनाया जाए। किशोरी ने बताया कि भगवान की प्रतिमा के सामने उससे पत्र लिखवाया गया कि किसी को कुछ बताया तो उसका सब कुछ खत्म हो जाएगा। उसका समलैंगिक विवाह करवाते हुए कहा कि यही असली भक्ति है। सिलाई सेंटर में भी उसे स्पेशल दर्जा दिया गया था। उसे साध्वी अपने पास बैठाती थी।

परिवार समेत डीसी, एसपी से मिलने पहुंची पीड़िता

उधर पीड़ित किशोरी अपने माता-पिता और आश्रम में जबरन घरेलू काम करने का शिकार हुई बच्ची डीसी, एसपी से मिलने पहुंची। दोनों ही कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद किशोरी व उसके परिजनों चेतावनी दी कि अब दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वह न्याय के लिए गुहार नहीं लगाएगी बल्कि धरना या मुख्यमंत्री से मिलने जैसे कदम उठाए जाएंगे।

यौन उत्पीड़न हुआ तब थी नाबालिग
आयु पर उठ रहे सवालों के बीच पीड़ित लड़की के परिजनों ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र में पीड़ित की उम्र 6 सितंबर 1996 है और स्कूल सर्टिफिकेट में 14 जुलाई 1997। 12 अगस्त 2013 में उसका पहली बार यौन उत्पीड़न किया गया।

13 दिसंबर में मुख्य साध्वी की मौजूदगी में और दो जनवरी 2014 में मुख्य साध्वी ने यौन उत्पीड़न किया। उस दौरान जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल सर्टिफिकेट दोनों के ही अनुसार वह नाबालिग थी।

एसआईटी सदस्य का इस्तीफा

साध्वी से जबरन समलैंगिक विवाह मामले में पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज स्पेशल इनवेस्टिगेशन कमेटी (एसआईटी) के एक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही अन्य कुछ सदस्यों ने भी खुद को जांच से अलग करने का अल्टीमेटम दिया है। वहीं, पीड़ित लड़की शुक्रवार को डीसी और एसपी से मिलने पहुंची। अधिकारियों के  कार्यालय से बाहर होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो धरने पर बैठेगी।

आश्रम की साध्वियों पर जबरदस्ती समलैंगिक विवाह व यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की के साथ-साथ एसआईटी के सदस्यों ने कार्रवाई में देरी को लेकर शुक्रवार को तीखे तेवर दिखाए। डीएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी सदस्य सोशल वर्कर सुशील वर्मा ने शुक्रवार को टीम अपने को अलग कर लिया।

उन्होंने सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन को अपना इस्तीफा सौंपा। जांच में देरी पर एसआईटी में शामिल सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन और सदस्य भी परेशान हैं। इन्होंने चेतावनी दी है कि सोमवार तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे भी एसआईटी से इस्तीफा दे देंगी।
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यह है मामला

मामला नवंबर के  प्रथम सप्ताह में सामने आया जब चरखी दादरी की एक महिला ने श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर की साध्वियों पर वशीकरण का आरोप लगाया। 14 नवंबर को चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी ने जांच शुरू की। किशोरी ने आश्रम की साध्वियों पर समलैंगिक विवाह कराने, यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। पुलिस ने वशीकरण का मामला दर्ज किया।

इस पर सीडब्ल्यूसी कमेटी ने आपत्ति जताई। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए डीएसपी अमित भाटिया के नेतृत्व में स्पेशल इनवेस्टिगेशन कमेटी का गठन किया। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान लिए। इसके बावजूद मामले की जांच चल रही है।
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‘‘जांच बहुत धीमी गति से हो रही है। किशोरी मानसिक रूप से परेशान हो रही है और मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। जांच में देरी के कारण ही एसआईटी कमेटी से इस्तीफा दिया है।’’ - सुशील कुमार, सोशल वर्कर
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‘‘सोशल वर्कर सुशील कुमार ने स्पेशल इनवेस्टिगेशन कमेटी से इस्तीफा दे दिया है। वह जांच में देरी करने को कारण बता रहे है। जांच में ज्यादा देरी हो रही है। बृहस्पतिवार को डीएसपी ने बैठक ली थी और दो-तीन दिन में कार्रवाई की बात कही थी। अगर सोमवार तक कार्रवाई नहीं होती है तो सीडब्ल्यूसी सदस्य भी एसआईटी से इस्तीफा देंगे।’’- राजबाला श्योराण, चेयरपर्सन, चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी
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‘‘स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। केस के सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। बिना जांच के कार्रवाई नहीं हो सकती।’’ - अमित भाटिया, डीएसपी
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