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चंडीगढ़: दारा सिंह के बेटे की कोठी में मजदूर के ऊपर गिरा छज्जा, 30 मिनट देरी से पहुंची जेसीबी, चीखता रहा साजिद

Fri, 17 Sep 2021 02:05 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मलबे में दबे मजदूर का रो रो कर बुरा हाल हो गया है। सूचना मिलते ही मौके पर डीएसपी समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए हैं। मौके पर जेसीबी बुलाई गई है। 
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छत के मलबे में दबे मजदूर को बचा लिया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रुस्तम ए हिंद दारा सिंह के बेटे अमरीक सिंह रंधावा की सेक्टर 4 स्थित कोठी की निर्माणाधीन बालकनी का छज्जा शुक्रवार दोपहर अचानक गिर गया। वहां काम कर रहा मजदूर मलबे में दब गया। एक घंटे तक वह दर्द से कराहता रहा। दमकल और पुलिस प्रशासन की टीम ने उसे निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उसके पैर में फ्रैक्चर है। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के 30 मिनट बाद जेसीबी पहुंची। जबकि मौके पर पहुंची एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार से संबंधित सामग्री ही नहीं थी। घायल मजदूर बिजनौर (उत्तर प्रदेश) निवासी साजिद है। 

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शुक्रवार दोपहर करीब 1.05 बजे साजिद कोठी नंबर-46 में काम कर रहा था। तभी अचानक उसके ऊपर छज्जा गिर गया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल विभाग व आपदा प्रबंधन की टीम भी पहुंच गई। मलबे में दबा साजिद दर्द से चिल्ला रहा था। उसकी चीखें काफी दूर तक सुनाई दे रही थीं। उसका दाहिना पैर लेंटर में फंस गया था। तत्काल वहां क्रेन बुलाई गई लेकिन वह मलबा हटाने में नाकाम रही। इसके बाद जेसीबी को बुलाया गया, जिसने आने में आधा घंटा लगा दिया। इसके बाद करीब एक घंटे तक साजिद को बचाने के लिए जद्दोजहद चली। जेसीबी की मदद से लेंटर को ऊपर खिसकाकर साजिद को टीम के लोगों ने अपनी तरफ खींच लिया। दर्द से कराहता साजिद बचाव दल का हाथ जोड़कर धन्यवाद भी कर रहा था, जिन्होंने उसकी जिंदगी बचाई। 

कोठी में अमरीक के मामा रतन औलख रहते हैं
पुलिस जांच में सामने आया कि जीरकपुर में रह रहा साजिद कोठी में छत की लीकेज की मरम्मत का काम कर रहा था। उसके साथ एक अन्य मजदूर भी था, जो बाल-बाल बच गया। पड़ोस में रहने वाले अर्जुन ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। सेंट्रल डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि कोठी में दारा सिंह के छोटे बेटे अमरीक सिंह के मामा रतन औलख रहते हैं, जबकि अमरीक सिंह मुंबई में हैं। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने उनका बयान दर्ज किया। उन्होंने बताया कि दो दिन से कोठी की छत में लीकेज होने से मरम्मत का काम चल रहा था। ठेकेदार ने लीकेज ठीक करने के लिए दो मजदूरों को लगाया था। 

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फायर ऑफिसर की वर्दी खून से थी लथपथ, निभाया इंसानी धर्म

फायर ऑफिसर अमरजीत सिंह ने बताया कि मजदूर का शरीर सुरक्षित था लेकिन पैर मलबे में दबा था। वह दर्द से कराह रहा था। उसे पानी दिया गया, ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस करे। इसके बाद उसे विश्वास दिलाया कि उसे कुछ नहीं हुआ है। उसे सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। कुछ धैर्य बनाए। उन्होंने और टीम के अन्य सदस्यों ने मलबे को हटाने का प्रयास किया लेकिन मलबा भारी होने से असफल रहे। आधे घंटे बाद पहुंची जेसीबी से मलबा हटाया गया। इस दौरान मजदूर का पैर खून से लथपथ था, उसे उठाकर एंबुलेंस में डाला। बचाने के दौरान उनकी वर्दी खून से लथपथ हो गई लेकिन शुक्र है कि मजदूर की जिंदगी बच गई, हालांकि उसका पैर टूट गया है। 

4 टन के लेंटर के नीचे दबा साजिद, बोला, बचा लो भैया
भैया मुझे बचा लो... मेरे छोटे छोटे बच्चे हैं, मेरा पैर मच खींचना, प्लीज। मेरा पैर मच खींचना कहकर साजिद लगातार फायर की टीम से गुहार लगाता रहा। लेंटर करीब 4 टन का था। इस दौरान फायर कर्मी नितिन ने सूझबूझ ने साजिद का हौसला बनाए रखा और कहा कि कुछ नहीं होगा। लेंटर के बगल वाली दीवार तोड़ी गई, लेकिन दर्द से साजिद यही चिल्लाता रहा कि उसका पैर मत खींचना। हादसा इतना दर्दनाक था कि पैर की हड्डियां तक बाहर आई गई थीं। साजिद को बचाने वाले सभी फायरकर्मियों की साउथ एसडीएम तेजपाल सिंह ने सराहनी की।

एक तरफ की दीवार तोड़ने से गिरा छज्जा
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पहली मंजिल पर रेनोवेशन का काम चल रहा था। एक तरफ की दीवार तोड़ दी गई, जिससे भार एक तरफ ज्यादा हो गया और छज्जा गिर गया। मलबे को खिसकाने के लिए पहले क्रेन बुलाई गई। जब मलबा नहीं हटाया जा सका तो जेसीबी मंगवाई गई। जेसीबी ने पहुंचकर मलबा हटाया। तब तक साजिद अंदर फंसा चिल्लाता ही रहा। 

साजिद के पैर पर चढ़ाया प्लास्टर 
साजिद का पीजीआई में इलाज चल रहा है। उसके पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है। पीजीआई में उसकी तीमारदारी कर रहे दोस्त रिजवान ने बताया कि साजिद के परिवार के लोग हादसे की खबर से बाद से परेशान हैं। पीजीआई में इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। डॉक्टर कह रहे हैं कि साजिद के पैर का ऑपरेशन होगा लेकिन कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं है। वह किसके सामने अपनी फरियाद लगाए, कुछ पता ही नहीं चल रहा।  
कोठी की छत गिरने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। कोठी मालिक का बयान दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। -चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी सेंट्रल डिवीजन।
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