रोहतक रेपकांड की शिकार हुई नेपाली मूल की ‘निर्भया’ बेशक मंदबुद्धि रही हो, लेकिन वह बहादुर थी। ‘भेड़ियों’ से अपनी अस्मत बचाने के लिए वह आखिरी दम तक शेरनी की तरह लड़ी और खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया। 18 फरवरी तक रिमांड पर चल रहे दरिंदगी के आरोपियों ने एसआईटी के सामने यह खुलासा किया है।
सामने आया है कि युवती को काबू करने में दो आरोपियों की सांसें फूल गईं थीं। दो के काबू नहीं आई तो उन्होंने अपने तीन और साथियों को मदद के लिए बुला लिया। 5 आरोपियों के एक साथ टूट पड़ने के बावजूद वह चिल्ला तो नहीं सकी, लेकिन हाथ-पैर चलाती रही। बाद में भयंकर तरीके से मारपीट करने और बालों से पकड़कर खींचने के बाद वह खुद को छुड़ा नहीं सकी। सभी मिलकर उसको खेतों में ले गए, जहां 5 घंटे हैवानियत का खेल खेला गया।
भूखे भेड़िए की तरह निर्भया को नोचा
राजेश उर्फ धूचडू ने ये खुलासा भी किया है कि सालों पहले उसके और उसकी मां के ममतामयी संबंधों में भी कड़वाहट आ गई थी।
ढाई साल पहले खुद उसकी मां ने सदर थाना में शिकायत दी थी कि राजेश ने उसके साथ भी अभद्रता की और मां-बेटे के रिश्ते को दागदार करने की कोशिश की। साफ है कि दरिंदगी के आरोपियों ने किस कदर भूखे भेड़िए की तरह निर्भया को नोचा होगा।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि 1 फरवरी की शाम 7 बजे आरोपियों ने बहुअकबरपुर गांव के अड्डे पर नेपाली युवती को जाते देखा। यहां दो आरोपी सुनील उर्फ शीले की दुकान पर बैठकर शराब पी रहे थे।
दो युवकों ने रास्ता रोककर उसे काबू करने का प्रयास किया। वह चिल्ला तो सकी नहीं, पर बहादुरी के साथ आरोपियों का मुकाबला किया। लेकिन 5 आरोपियों ने मिलकर उसे दबोच लिया और बाद में अपने दूसरे साथियों को बुला लिया। सभी ने दो-दो बार उसके साथ दुराचार और कुकर्म किया। बाद में फंसने के डर से बेरहमी से युवती की हत्या कर दी।
सोमबीर ने लूटी सबसे पहले अस्मत
बृहस्पतिवार को गांव ले जाकर आरोपियों से निशानदेही कराने के बाद शुक्रवार को भी जांच टीम ने एक-एक करके आरोपियों से पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि सोमबीर ही उन्हें बार-बार उकसाता रहा।
जब वे उसे खेतों में ले गए तो सबसे पहले दुष्कर्म भी उसी ने किया था। खुद को फंसता देख वह 8 फरवरी को ही घर से दिल्ली भाग गया और 9 फरवरी को जहर खाकर जान दे दी। अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद जल्द एसआईटी की एक टीम दिल्ली जाकर उसकी मौत के बारे में रिकॉर्ड जुटाएगी।
मां के रिश्तों की कड़वाहट
राजेश उर्फ घूचड़ू ने पूछताछ में एसआईटी को बताया कि करीब डेढ़ दशक पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। उस समय उसकी उम्र कम रही। जब बड़ा हुआ तो ममता का रिश्ता भी सामान्य नहीं रहा।
ढाई साल पहले उसकी मां ने सदर थाने में उसी के खिलाफ शिकायत दे दी थी कि घूचडू ने उसके साथ अभद्रता कर मां-बेटे के रिश्ते को दागदार करने की कोशिश की। हालांकि बाद में मामला निपट गया।
बताया जा रहा है कि उसकी मां गांव छोड़कर और कहीं चली गई है। अब वह अकेला ही रह रहा था। इस खुलासे से यह भी साफ हो गया कि इस तरह की मानसिकता वाले आरोपी ने किस हद तक निर्भया को नोचा होगा।