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रोहतक गैंगरेप: CCTV फुटेज करेगी हैवानों का पर्दाफाश

Sun, 08 Feb 2015 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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रोहतक की निर्भया के मामले में एसआईटी को उस समय अहम कामयाबी मिली, जब एक मकान के सीसीटीवी कैमरे से मिली फुटेज में लड़की के साथ एक सदिंग्ध शख्स दिखाई दिया। फुटेज को आधार बनाकर पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है। शहर के चप्पे-चप्पे में एसआईटी की टीम छापेमारी कर रही है। होटलों से लेकर ढाबों तक को खंगाला जा रहा है।
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शनिवार को एक दर्जन संदिग्ध युवकों से भी पूछताछ की गई है। निर्भया कांड की तरह नेपाल मूल की युवती के हत्यारों को पकड़ने के लिए एसआईटी प्रोफेशनल तरीके से जांच आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में टीम ने चिन्योट कॉलोनी से लेकर ओल्ड आईटीआई रोड पर मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की एक फरवरी को दोपहर 12 बजे से दो बजे तक की फुटेज की जांच की गई।

फुटेज से मिले अहम सुराग
जांच टीम को उस समय उम्मीद की किरण दिखाई दी, जब लड़की एक वाहन में जाती दिखाई दी। उसे एक संदिग्ध शख्स पकड़े हुए है।  फुटेज को लड़की की बहन को दिखाया गया। पुष्टि होने पर फुटेज पुलिस ने वाट्स अप के माध्यम से सभी जांच टीमों के पास भेज दी। जांच टीम अब फुटेज को लेकर शहर के सभी होटल व ढाबों में दिखा रही है, ताकि कोई न कोई सुराग मिल जाए। हालांकि देर रात तक पुलिस के हाथ खाली ही रहे।
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न्याय के लिए बनाया व्हाट्सऐप पर जस्ट्सि फॉर...(निर्भया)

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच से जुड़े अहम अधिकारियों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है, जिसे जस्टिस फॉर...(निर्भया) नाम दिया गया है। इस ग्रुप में आईजी, एसपी, एसआईटी प्रमुख एवं डीएसपी अमित भाटिया से लेकर जांच से जुड़े 12 पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। कोई भी सुराग मिलते ही इस ग्रुप में शेयर करने की हिदायत दी गई हैं। साथ ही आला अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि केस के संबंध में मीडिया से केवल एसआईटी प्रभारी अमित भाटिया ही बात करेंगे।

मधुबन लैब में होगी शर्ट की जांच
पुलिस ने बरामद की गई रेडीमेड शर्ट को जांच के लिए मधुबन भेजने का निर्णय लिया है। ताकि एफएसएल जांच के बाद पता लगाया जा सके कि यह शर्ट केस से जुड़ी हुई है या नहीं। साथ ही पुलिस की एक टीम संबंधित रेडीमेड कंपनी से संपर्क कर रही है, ताकि शर्ट खरीदने वाले व्यक्ति का सुराग लग सके।

एक हजार पम्फलेट बांटे
जांच टीम ने शनिवार को हत्याकांड का सुराग देने वाले को एक लाख का ईनाम देने की घोषणा के एक हजार पम्फलेट तैयार करवाए हैं। जिसे हर सार्वजनिक जगहों पर वितरित कर रही हैं।

घर से लेकर घटनास्थल तक मोबाइलों लोकेशन की जांच

लड़की की बहन के मकान से लेकर घटनास्थल तक एक फरवरी को 12 बजे के आसपास के समय की मोबाइल लोकेशन एसआईटी खंगाल रही है। क्या ऐसा कोई मोबाइल नंबर है, जिसकी लोकेशन चिन्योट कॉलोनी से आगे बढ़ते हुए घटनास्थल तक पहुंच गई। इसे लिए साइबर टीम के साथ आईटी सैल भी काम कर रही है।

पुलिस के हाथ साइंटिफिक प्रूफ हाथ लगे हैं। इन्हें अभी खोलना उचित नहीं है। पुलिस की टीमें अलग-अलग दिशा में काम कर रही हैं। उम्मीद है जल्द कामयाबी मिलेगी।
अमित भाटिया, डीएसपी एवं एसआईटी प्रभारी

त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं, जवाब किसी के पास नहीं

शहर निवासी एक और युवती पुलिस की नाकामी की भेंट चढ़ गई। लड़कियों को सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली पुलिस ने नेपाली युवती के लापता होने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

दरिंदगी का शिकार हुई युवती के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की बड़ी बहन का कहना है कि जीते जी उसकी बहन ने खूब दर्द सहा, लेकिन मौत उससे भी ज्यादा दर्दनाक मिली। एक फरवरी को वे दिनभर उसकी तलाश करते रहे और शाम को गांधी कैंप चौकी में मामला दर्ज कराया।

तस्वीर- रोहतक के समाजसेवी पीड़िता के परिजनों के साथ।

दरिंदे बलात्कारियों ने पार कर दी थी सारी हदें

आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसकी बहन की रेप के बाद हत्या कर दी गई। दरिंदगी भी ऐसी की इंसानियत ही मर जाए। दरिंदों ने हर हद पार कर दी। अब पुलिस बार-बार पूछताछ करने आ रही है।

हत्यारों की सूचना देने पर ईनाम की घोषणा कर रही है, लेकिन अब क्या फायदा? एक फरवरी से लेकर 4 फरवरी तक कोई पूछने तक नहीं आया और न ही किसी पुलिसवाले ने फोन किया।

यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो उसकी बहन जरूर मिल जाती। उन्हें अब बस दरिंदों की गिरफ्तारी और फांसी की सजा का इंतजार है। इंसानियत को हिला देने वाले हादसे के बाद पूरा परिवार खुद को संभाल नहीं पा रहा है।
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घर से बाहर नहीं जाती थी युवती

परिजनों का कहना है कि युवती मानसिक रूप से परेशान थी और इलाज चल रहा था। यादाश्त कभी चली जाती तो कभी लौट आती। वह घर से बाहर भी नहीं निकल पाती थी।

बड़ी बहन कहती हैं कि उसे दो माह पहले वे नेपाल से यहां इलाज के लिए लेकर आए थे। अगर पता होता कि रोहतक में उसके साथ ये हश्र होगा तो वे कभी भी ऐसा नहीं करते। पता नहीं उस दिन कैसे घर से बाहर निकल गई?  

किसी पर शक नहीं
मृतका की शहर निवासी बहन का कहना है कि उन्हें किसी पर शक नहीं है। किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। बहन का कहना है कि वह सुबह काम पर चली जाती और दोपहर में आती। उसका भाई व बहन उसके पास ही रहते थे।
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