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डकैती Live: जानिए, कैसे आए डकैत और बच गए 62 लाख

Sat, 28 Jun 2014 12:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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खुड्डा अलीशेर में स्टेट बैंक आफ पटियाला के बाहर 8 हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने शुक्रवार को दिनदहाड़े कैश वैन पर धावा बोला। दो सुरक्षाकर्मी डकैतों से भिड़ गए।
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हाथापाई के बीच डकैत पांच लाख रुपये से भरा एक कैश बॉक्स ले गए। वैन में कुल 67 लाख रुपये थे। बाकी दो बॉक्स जिनमें 62 लाख थे उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने डकैतों से वापस छीन लिया।

फायरिंग करने पर डकैत अपने धारदार हथियार भी मौके पर छोड़ कर फार्च्यूनर गाड़ी से सकेतड़ी की तरफ भाग गए। बैंक के बाहर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। बाद में कैंबवाला रोड से खाली कैश बॉक्स और सकेतड़ी के पास से फार्च्यूनर गाड़ी पुलिस को मिली।
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जैसे ही कैश निकालने के लिए ताला खोला पहुंचे डकैत

कैश वैन सुबह करीब 11:30 बजे खुड्डा अलीशेर में बैंक के बाहर पहुंची। यहां बैंक को करीब 5 लाख रुपये का कैश देना था। कैश वैन में दो सुरक्षाकर्मी जगतार सिंह, सोहन लाल, कैशियर श्याम लाल और चालक सर्वजोत था। एक सुरक्षाकर्मी ने जैसे ही कैश निकालने के लिए ताला खोला तो एक बिना नंबर की फार्च्यूनर गाड़ी ने वैन को साइड से टक्कर मारी।

यह फार्च्यूनर सारंगपुर से ही कैश वैन का पीछा कर रही थी। टक्कर मारने के बाद नकाबपोश डकैत हाथों में तलवार, राइफल और तेजधार हथियार लेकर गाड़ी से निकले और वैन मारपीट शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मी जगतार को चार डकैतों ने पकड़ लिया। एक ने चालक सर्वजोत पर दराती से हमला कर हाथ बुरी तरह घायल कर दिया।

उनके बाकी साथियों ने वैन से कैश की तीनों पेटियों को उतार कर अपनी गाड़ी में रख लिया। इस बीच कैशियर श्याम लाल ने बैंक के अंदर जाकर जानकारी दी। बैंक के सुरक्षा गार्ड मोहन सिंह भी तत्काल आकर डकैतों से भिड़ गए। एक डकैत ने उनके सिर पर राइफल का बट मार कर उन्हें घायल कर दिया।

इतने में बैंक से और आसपास से काफी लोग मौके पर पहुंचने लगे। खुद को घिरता देख डकैत फार्च्यूनर में बैठ कर भागने लगे तो इस बीच सुरक्षा कर्मियों ने दो कैश बॉक्स उनकी गाड़ी से वापस उतार लिए और 62 लाख रुपये लुटने से बचा लिए।

तेजधार हथियार और डंडे मौके पर ही छोड़ गए

सड़क के किनारे रेत और बजरी भी पड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इन बदमाशों के अलावा एक अन्य गाड़ी इसी सड़क पर आगे खड़ी थी। उस गाड़ी में बैठे लोग भी इन बदमाशों के साथ साथी हो सकते हैं। फरार होते हुए बदमाश अपने तेजधार हथियार और डंडे मौके पर ही छोड़ गए, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

जिस रोड पर बदमाश वारदात करने के बाद फरार हुए वह सड़क सकेतड़ी मंदिर और बद्दी की तरफ जाती है। सूचना मिलने पर मौके पर एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल, एएसपी परमिंद्र सिंह डीएसपी क्राइम जगबीर सिंह, आशीष कपूर, सतबीर, सेक्टर-11 पुलिस थाना प्रभारी मलकीयत सिंह, और सेक्टर-3 पुलिस थाना प्रभारी भी पहुंचे।

डकैतों से भिड़ने वाले सुरक्षाकर्मी जगतार सिंह ने बताया कि बदमाशों ने तीनों कैश बॉक्स अपनी गाड़ी में रख लिए थे। मारपीट के बीच मैंने और मोहन सिंह ने दो कैश बॉक्स वापस उतार लिए। डकैत जब भाग रहे थे तो राइफल से फायर किया तो गोली उनकी गाड़ी की छत्त से लगी।

कैशियर श्याम लाल सारंगपुर में कैश देकर वह खुड्डा अलीशेर की बैंक शाखा में कैश देने आए थे। इसके बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की बैंक शाखा में कैश देना था।
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रिटायर एएसआई ने भी संभाला मोर्चा

बैंक के साथ वाले घर में पंजाब पुलिस से रिटायर्ड एएसआई कुंदन सिंह ढींगरा अपने परिवार केसाथ रहते हैं। जब बदमाश सुरक्षाकर्मियों केसाथ लड़ रहे थे तो शोर मचने पर ढींगरा राइफल लेकर घर की ऊपरी मंजिल पर चढ़ गए, जब वह बदमाशों पर फायर करने लगे तो घर के बच्चों ने शोर मचाते हुए फायर करने से मना कर दिया।

गांव निवासियों का कहना है कि पुलिस की गश्त न के बराबर होती है। साल 1998 में बैंक के ताले भी टूट चुके हैं। एरिया में छोटी मोटी कई वारदातें हो रही है। बैंक के बाहर हुई डकैती से गांव में दहशत का माहौल है। यह गांव का एक मात्र बैंक है। पुलिस के अनुसार इस वारदात में हाइवे रोबर्स के गिरोह का भी हाथ हो सकता है क्योंकि गिरोह के कई सदस्य जेल से छूट चुके हैं।

एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जिम्मेवारी साइबर सेल और सेंट्रल पुलिस को दी गई है। टीमें पंचकूला और हिमाचल रवाना हो चुकी है। कुछ सुराग मिला है जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार लूट में इस्तेमाल हुई फार्च्यूनर गाड़ी सेक्टर-15 के एक राइस मिलर के नाम पर है। इस गाड़ी को 22 जून को बदमाशों ने उनके ड्राइवर अमरदीप से शंभू बैरियर के पास से चाकू की नोक पर लूटा था।
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