अंदर जाते ही उन्होंने सभी को गन प्वाइंट में लेकर एक कैबिन में बंधक बना लिया और मैनेजर हरप्रीत से लॉकर खुलवाकर सारे जेवरात साथ लाए चार बैगों में भर लिए। इसी दौरान दफ्तर में काम करने वाली गुरप्रीत कौर नाम की महिला भी पहुंची तो लुटेरे आते ही उसे भी बंधक बना लिया। बदमाशों ने उसका मोबाइल और सामान छीन लिया।
करीब 20 मिनट में तीस किलो सोने के जेवरात और तीन लाख कैश लूटकर चारों निकल गए। जाते हुए लुटेरों ने अंदर लगा सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया और डीवीआर साथ ले गए। जाते हुए उन्होंने ब्रांच को बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद वे बाहर कार में बैठे साथी के साथ बैठकर फरार हो गए।
साथ की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए लुटेरे
वारदात स्थल पर फिंगर प्रिंट्स एक्सपर्ट ने नमूने एकत्रित किए। लुटेरे साथ वाली दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए, जिसमें सभी ने चेहरे ढके हुए हैं। गाड़ी का नंबर भी पता नहीं चला है। बता दें कि घुमारमंडी में 18 दिन पहले ही गन प्वाइंट पर वीके ज्वेलर्स की दुकान में लूट हुई थी। वह मामला भी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा पाई है।
पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की तरफ से लौंगोवाल में चार बच्चों के जिंदा जलने के हादसे के बाद सोमवार को स्कूल बसों की चेकिंग के लिए पुलिस की 125 टीमें तैनात रहीं। कई जगह पर पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी और चेकिंग हो रही थी। इतनी बड़ी मात्रा में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की फोर्स सड़कों पर होने के बावजूद कार सवार लुटेरे गिल रोड स्थित आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी से 30 किलो सोना लूटकर फरार हो गए।
लुटेरे 20 मिनट तक कंपनी के दफ्तर में रहे। इस दौरान न तो किसी कर्मी फोन करने दिया और न ही ही फोन सुनने दिया। लूटपाट के दौरान कंपनी में लगे फोन को रिसीवर नीचे रख दिए गए, ताकि फोन आए ही नहीं। आखिरी लुटेरे ने जाते समय मुख्य गेट को ताला लगाने में करीब मिनट लगाए। फिर भी किसी को शक नहीं हुआ कि खुले दफ्तर को कौन नकाबपोश ताला लगा रहा है। कंपनी दफ्तर के सामने सीआईए थ्री दफ्तर के बाहर भी पुलिस मुलाजिम खड़े थे, लेकिन उन्होंने भी नहीं सोचा कि कार सवार लुटेरे इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे फरार हो रहे हैं।
लुटेरों के दाखिल होने से पहले ग्राहक गिरवी रख गया था सोना
आईआईएफएल गोल्ड लोन की ब्रांच सुबह करीब सवा नौ बजे खुली। लुटेरे करीब दस बजे ब्रांच में दाखिल हुए। लुटेरों के बैंक में दाखिल होने से पहले एक कस्टमर ब्रांच में सोना गिरवी रखने के लिए आया था। उसके जाने के करीब दस मिनट बाद ही लुटेरे अंदर दाखिल हो गए थे। बताया जा रहा है कि बैंक में दो सेफ है। एक सेफ सोने के जेवरात रखने के लिए बनाई है और दूसरी कैश के लिए। ब्रांच का सेंसर और हूटर भी खराब है।
बताया जा रहा है कि कंपनी के दोनों सेफ में रात को करंट छोड़ दिया जाता है, ताकि रात को चोरी करने आने वाला कोई भी व्यक्ति सेफ को हाथ न लगा सके। सुबह आते ही कर्मचारियों को दोनों सेफ खुलवाने के लिए हेड ब्रांच से ओटीपी नंबर लेना पड़ता है। सुबह जो व्यक्ति सोना गिरवी रखने के लिए आया था उसे कैश देने के लिए कर्मचारी ने हेड ब्रांच से ओटीपी नंबर लेकर सेफ खोला था और उसे पैसे दिए थे। जबकि तीन लाख रुपये उसने निकाल कर बाहर रख लिए। इतने में लुटेरे आ गए और जेवरात के साथ साथ तीन लाख रुपये भी ले गए।
सोना लूटने वाले लुटेरों ने लूट के लिए पूरी प्लानिंग बनाई थी। आरोपियों को दफ्तर के अंदर की भी हर जानकारी थी। मैनेजर का दफ्तर कौन सा है और सोने के जेवरात से भरा लॉकर कहां है। सीसीटीवी कहां कहां लगे हैं और डीवीआर कहां है। आरोपियों ने ये तक प्लान कर रखा था कि कार कहां रोकनी है, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद न हो सके।
लुटेरों को ये भी पता था कि सुबह के समय ब्रांच में चार कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं होता। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने कार कुछ दूरी पर रोकी और दो लुटेरे सामने की तरफ से और दो लुटेरे फुटपाथ की ओर से कंपनी की ओर जाते दिख रहे हैं। एक लुटेरे ने अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े और डीवीआर बाहर निकाल लिया।
कारोबार करोड़ों में, लेकिन नहीं कोई सिक्योरिटी गार्ड
फाइनांस कंपनी में रोजाना करोड़ों का कारोबार होता है। लोग सोने पर लोने लेने आते हैं और कुछ अपने जेवरात छुड़वाने आते हैं। करोड़ों के जेवरात बैंक में पड़े एक सेफ में पड़े हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई सिक्योरिटी न तो दिन में है और न ही रात में। कंपनी ने चंद रुपये बचाने के लिए एक सिक्योरिटी गार्ड भी नहीं रखा।
स्टाफ पर शक, पूछताछ में जुटी पुलिस
पूरी प्लानिंग के तहत की गई वारदात से पुलिस को शक है कि कहीं न कहीं स्टाफ का कोई कर्मी लुटेरों से मिला हो। इस संबंध में पुलिस कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। सभी लुटेरे आपस में पंजाबी में बात कर रहे थे।
फुटेज खंगालने में जुटी है पुलिस
पुलिस को अब तक कार की फुटेज नहीं मिली है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है, ताकि लुटेरों की कार पता चल सके।
घुमारमंडी में वीके ज्वैलर्स की वारदात को अंजाम देने वाले लुटेरों ने भी रैकी के बाद वारदात को अंजाम दिया और सोमवार को फाइनांस कंपनी में जिस तरह लूट हुई है, इससे साफ है कि लुटेरों ने पहले रैकी कर रखी थी और प्लानिंग बनाई थी। दोनों स्थानों पर लुटेरों ने रैकी के बाद लूट को अंजाम दिया और पंजाब की का खुफिया विभाग देखता रह गया।
दो बड़ी लूट और वारदात का का स्टाइल एक जैसा
पर्ल पैलेस मार्केट स्थित वीके ज्वैलर्स और गिल रोड आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी में हुई लूट की वारदात को अंजाम देने का तरीका लगभग एक जैसा ही है। दोनों वारदात को अंजाम पांच लुटेरों ने दिया है। बस फर्क इतना है कि घुमारमंडी में वारदात को अंजाम देने वाले लुटेरों ने फार्च्यूनर कार का इस्तेमाल किया था।
गिल रोड में लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए लुटेरों ने मारुति सियाज कार का इस्तेमाल किया है। ज्वैलर्स की दुकान में लुटेरों ने मुलाजिमों को बंधक बनाया और बाद में आए मालिक को भी बंधक बना लिया था। सोमवार को भी ठीक उसी तरह बाद में पहुंची महिला कर्मचारी गुरप्रीत कौर को अंदर घुसते ही बंधक बनाया।
क्या कहते हैं पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि लुटेरों के बारे में काफी इनपुट्स मिले हैं। जांच की जा रही है। पुलिस ने थाना डिविजन छह में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें जांच में जुट चुकी हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।