सेक्टर 17 के डायमंड शोरूम में लूट मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम भी शहर में पहुंच चुकी है। दिल्ली पुलिस यूटी पुलिस की सहायता करेगा। मंगलवार को दिल्ली पुलिस की टीम ने यूटी पुलिस से केस की डिटेल ले ली है। उसने पीड़ितों से भी पूछताछ की।
शोरूम से 14 करोड़ रुपये की लूट के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ लुटेरों का कोई पुख्ता सबूत नहीं लगा है। लूट के तीसरे दिन भी पुलिस के अधिकारियों ने शोरूम में जा कर कर्मचारियों से बातचीत की।
मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम ने भी केस की डिटेल व एफआईआर की कॉपी ली। दिल्ली पुलिस ने घटना स्थल का दौरा किया और शोरूम कर्मचारियों से पूछताछ की। डीएसपी क्राइम पवन कुमार ने बताया कि किसी ज्वेलरी शोरूम में यह अब तक की सबसे बड़ी लूट की घटना है। इस मामले की जांच में हरियाणा और पंजाब की पुलिस पहले ही मदद कर रही है। अब दिल्ली पुलिस भी सहयोग करने पहुंच चुकी है।
शोरूम मालिकों से घंटों हुई पूछताछ
मंगलवार को साइबर सेल ने शोरूम मालिक विनोद वर्मा और रजनीश वर्मा से करीब चार घंटे तक सेक्टर 17 स्थित साइबर सेल ऑफिस में पूछताछ की। हालांकि पुलिस ने पूछताछ के बारे में साफ साफ नहीं बताया, लेकिन यह जरूर बताया कि कि दोनों भाइयों से ज्वेलरी के रिकार्ड आदि के बारे में जानकारी ली गई है। पुलिस ने शोरूम की स्टॉक बुक कब्जे में ले ली है और उसकी जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज में लुटेरों का चेहरा साफ नहीं
पुलिस के हाथ जो फुटेज लगी है, उसमें जो दो पुरुष व एक महिला नजर आ रही है। उनमें से एक पुरुष के हाथ में बैग नजर आ रहा है। शोरूम मालिकों ने भी वेरीफाई कर दिया है कि ये तीनों लुटेरे हैं। लेकिन फुटेज में कहीं से भी उनका चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है। फुटेज तीनों को देखकर लगता है कि लुटेरों की उम्र 35 से लेकर 40 साल तक के बीच थी। पुलिस का कहना है कि शक्ल साफ न नजर आने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पा रही है।
पुलिस की चार यूनिटें कर रही हैं मामले की जांच
यूटी पुलिस ने जांट में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जांच में चार यूनिटें लगा दी है। क्राइम ब्रांच, आपरेशन सेल, साइबर सेल व सेंट्रल डिवीजन पुलिस टीम जांच कर रही है।