जम्मू के लिए पिकअप में मटर लेकर निकले मक्खन सिंह को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि 500 रुपये के इनाम का लालच छह लोगों की जान ले लेगा।
शनिवार सुबह लगने वाली पहली बोली के लिए सबसे पहले जम्मू पहुंचने के लिए मक्खन ने पिकअप की रफ्तार बढ़ा दी और यह समाना रोड पर एक कार में जा टकराई।
टक्कर में कार सवार एक दंपति, उनके एक साल के बेटे, दोस्त और उसकी पत्नी की मौत हो गई। हादसे में पिकअप ड्राइवर मक्खन भी मारा गया। वहीं कार में सवार दो साल की बच्ची और पिकअप कंडक्टर घायल हो गया।
6 लोग खत्म, बच्ची और कंडक्टर घायल
गौरव के रिश्तेदार अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात समाना निवासी उसका भतीजा गौरव कुमार (28), पत्नी अर्चना (26) और एक साल के बेटे अयान के साथ वरना कार में सवार होकर पटियाला-समाना रोड पर एक होटल खाना खाने गए थे। गौरव के दोस्त अंकुश गर्ग (35), पत्नी सोनी गर्ग और दो साल की बेटी अंशिका भी साथ थे।
करीब साढ़े 11 बजे ये सभी लोग घर लौट रहे थे कि समाना से करीब 10 किलोमीटर पहले टोल प्लाजा के नजदीक गौरव कुमार की कार में सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहनों से घायलों को बाहर निकाल कर सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने गौरव, उसकी पत्नी अर्चना, बेटे अयान, दोस्त अंकुश गर्ग, उसकी पत्नी सोनी को मृत घोषित कर दिया।
सालगिरह मनाने गया था परिवार
समाना के रहने वाले युवा गौरव कुमार की शुक्रवार को शादी की दूसरी सालगिरह थी। जिसे मनाने के लिए वह बड़ी खुशी-खुशी पटियाला-समाना रोड पर पड़ते होटल अजूबा कार में गया था। लेकिन उसे क्या पता था कि वह परिवार समेत काल का ग्रास बन जाएगा।
मौत ने गौरव के एक साल के मासूम बेटे अजान को भी नहीं छोड़ा। जिसे गौरव अपने साथ नहीं लेना जाना चाहता था। लेकिन अजान था कि मां का पल्लू ही नहीं छोड़ रहा था। जैसे कि मौत के खूनी शिकंजे उसे अपनी तरफ खींच रहे हों। यह कहते हुए गौरव कुमार के परिजन अशोक कुमार, पिता लोकराज, अन्य रिश्तेदार फूट-फूट कर रोने लगे।
समाना में मोहल्ला नजदीक पुराना स्टेट बैंक आफ पटियाला में गौरव कुमार के घर पर मातम का माहौल पसरा है। चारों तरफ चीखो-पुकार मची है। परिवार वाले रोते-रोते यही कह रहे थे कि अगर गौरव सालगिरह समाना में ही मना लेता, तो शायद आज जिंदा होता।
अनाथ हो गई मासूम आशका
समाना में ही किरयाना की दुकान चलाने वाला गौरव काफी मिलनसार व खुशमिजाज था। कहते हैं कि अच्छे लोगों की तो भगवान को भी जरूरत होती है। शायद भगवान ने इसी छोटी उम्र में उसे अपने पास बुला लिया।
उधर समाना का ही रहने वाले अंकुश गर्ग, जो इस हादसे में मारा गया है, उसके घर पर भी मातम का माहौल था। सारे परिजन व रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल था। अंकुश समाना की कृष्णा मार्केट में जूतों की दुकान चलाता था।
गौरव कुमार से दोस्ती के चलते वह उसकी खुशियों में शामिल होने के लिए साथ गया था। मौत ने उसे भी नहीं छोड़ा। हादसे में वह व उसकी पत्नी मर गए हैं, वहीं दो साल की बेटी आशका की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। उस मासूम को क्या पता कि वह अनाथ हो गई है।