पावरकॉम की रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट हरमीत कौर पेइंग गेस्ट चलाती है। चार महीने पहले यहां रहने वाली बलबीर कौर ने इस किशोरी के बारे में मनुख्ता दी सेवा सोसाइटी के प्रमुख गुरप्रीत सिंह को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि पीजी में किशोरी को प्रताड़ित किया जाता है। इस दौरान जब कभी किशोरी को पीटा जाता था तो वह रोकती थी। मगर हरमीत कौर अपना घरेलू मसला बताकर उसे चुप करा देती थी। आरोप लगाया कि किशोरी पर रोजाना जुल्म होते देख उसने पीजी छोड़ दिया था।
किशोरी ने बयां की जुल्म की दास्तां
किशोरी ने बताया कि रात को उठाकर दीवारों से लड़ा दिया जाता था। उसे पूरे दिन किचन में काम करना पड़ता। घर की मालकिन सिर्फ एक टाइम खाने में दो चपाती देती थी। किशोरी ने बताया कि कई बार तो घर की मालकिन हरमीत कौर रात दो बजे भी उठकर पीटती थी। हरमीत कौर की बेटी और बेटा भी उसे पीटते थे। पुलिस ने किशोरी को मुक्त कराने के बाद उसका मेडिकल कराया और बाल गृह भेज दिया है।
मां की मौत के बाद पिता छोड़ गया था
मनुख्ता दी सेवा सोसाइटी के प्रमुख गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनके पास पहली बार जून माह में किशोरी की डस्टबिन से खाना खाने का वीडियो आया था। बलबीर कौर ने उन्हें बताया कि किशोरी पीजी में बंधक बनाकर रखी गई है। मां की मौत के बाद पिता उसे छोड़ गया। इसके बाद एनजीओ ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कानूनी प्रक्रिया के तहत किशोरी को मुक्त कराया। जब वे पहुंचे तो किशोरी का चेहरा बुरी तरह जला था। ठंड में उसके पास पहनने को गर्म कपड़े तक नहीं थे। किशोरी ने सरकारी अधिकारियों को बताया कि उसके साथ दो साल से मारपीट हो रही है। उसकी मां पूजा की मौत हो जाने के बाद पिता उसे गुरदेव नगर की इस कोठी में छोड़कर चला गया। उसके बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली और कभी उसका हालचाल जानने नहीं आया।