कांस्टेबल ने देव से पचास लाख रुपये की मांग की ताकि वह उसे विदेश भेज सके। देव ने उसे लॉकडाउन खत्म होने तक रुकने को कहा था। देव के घर इसी बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था। अमरजीत सिंह ने बताया कि वह और उनका छोटा बेटा रात को थाना डिवीजन तीन गए थे। वहां अधिकारियों से बात की थी और कांस्टेबल को उनके घर के मामलों में दखल न देने की बात की थी।
अमरजीत सिंह ने बताया कि देर रात को कांस्टेबल और एक अन्य व्यक्ति देव को थाने के बाहर ले जाकर बात कर रहे थे। वहां से घर आने के बाद देव परेशान था। पुलिस मुलाजिम ने देर रात से लेकर सुबह छह बजे तक देव को करीब 80 बार फोन किया लेकिन देव ने नहीं उठाया। सुबह नाश्ता करने के बाद देव अपने कमरे में चला गया। उसने कमरे में जाकर पत्नी के दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी।
जब पत्नी उसे बुलाने कमरे में गई तो अंदर शव लटकता देख उसने शोर मचाया। इसके बाद उसे सीएमसी ले गए और वहां मृत घोषित कर दिया गया। थाना प्रभारी सतीश कुमार का कहना है कि सुसाइड नोट के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से थाने में रेस्त्ररां से खाना आ रहा था। इससे भी देव परेशान था।