अनहोनी की आशंका होने पर शुभनाथ गांव के कुछ लोगों को लेकर सोमवार 13 अप्रैल को सिसोटार पहुंचे। वहां सुनीता की सास ने उसके साथ बुरा बर्ताव किया और कहा कि सुनीता घर से भाग गई है। इसके बाद शुभनाथ सिकंदरपुर थाने में पहुंच कर बहन की हत्या की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस ने दहेज हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर पवन कुमार की जांच में पता चला कि सुनीता की हत्या कर शव ठिकाने लगा दिया गया है। हत्या के बाद गांव के ही एक व्यक्ति ने 500 रुपये लेकर सुनीता का शव घाघरा में फेंक दिया।
चूंकि सुनीता उत्पीड़न की जानकारी पहले ही अपने भाई को फोन पर दे दी थी, जिससे पुलिस को जांच में आसानी हुई और मामला पकड़ में आ गया। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने जांच पूरी कर ली है और सभी आरोपियों की पहचान करने के साथ उन्हें हिरासत में भी ले लिया गया है, लेकिन शव के इंतजार में अभी पुलिस खुलासा करने से बच रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि सीओ सिकंदरपुर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और पुलिस खुलासे के करीब तक पहुंच गई है। जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।