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रामपाल को राहत, पकड़ा गया पुलिस का झूठ

Tue, 10 Mar 2015 08:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल व उसके पांच खास राजदारों को कोर्ट ने मुकदमा नंबर 427 में राहत दी है। इस केस में पुलिस के एविडेंस झूठे साबित हुए। कोर्ट में रामपाल पक्ष के वकील की बहस के बाद इस मुकदमे से धारा 188 हटा दी गई है।
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हालांकि कोर्ट ने रामपाल व उसके पांच राजदार पुरुषोत्तम, राजेंद्र, राजकपूर, बलजीत व रामकुमार पर चार्ज लगा दिया है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर पुलिस को 6 अप्रैल को गवाही पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले 23 मार्च को वीसी के माध्यम से पेशी होगी।

कोर्ट में सोमवार को रामपाल के वकील रविंद्र ने बहस की। बहस में वकील ने पक्ष रखा कि मुकदमा नंबर 427 में चार्ज नहीं बनता। पुलिस ने जो एविडेंस पेश किए वो आधारहीन हैं। आश्रम से बंधक बनाने जैसे मामले को लेकर कोई कॉल नहीं आई।
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पुलिस ने जिस नंबर से थाने व कंट्रोल रूम में फोन आने की बात कही है उसकी कॉल डिटेल भी निकलवाई गई है। इसमें ऐसी कॉल का कोई रिकॉर्ड न होने की बात एडवोकेट रविंद्र ने कही। काफी देर बहस होने के बाद जज ने चार्ज लगाने के मामले को सुरक्षित रख लिया और लंच बाद फैसला सुनाने की बात कही कि चार्ज लगेगा या नहीं।

रामपाल पक्ष के वकील रविंद्र ने कहा है कि पुलिस ने जो एविडेंस पेश किए हैं वो मनघड़ंत हैं। उसमें कोई सच्चाई नहीं है। रामपाल ने आश्रम में किसी को भी बंधक नहीं बनाया। पुलिस ने 18 नंबवर 2014 को सुबह पांच बजे से लेकर रात आठ बजे तक फोन आने की बात कही थी। जिसकी कॉल डिटेल से पता चला है कि किसी ने भी आश्रम से कोई कॉल नहीं की।

8 गवाह 6 अप्रैल को होंगे पेश
एडवोकेट ने बताया है कि छह अप्रैल को पुलिस की तरफ से आठ गवाह पेश होंगे, जिसमें से 6 गवाह पुलिस के अपने स्टाफ के लोग हैं तथा 2 गवाह सामान्य हैं।

यह केस नंबर 427
पुलिस ने 18 नंबर को रतिया निवासी सुखदेव की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। जिसमें धारा 147, 149, 188 व 342 लगाई गई थी। इसमें कुछ लोगों को नामजद तथा 30-40 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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