उनतालीस बार चाकुओं से गोदकर प्लंबर देशराज की हत्या के आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खून सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू बापूधाम के पास जंगल से बरामद कर लिया।
सेक्टर 11 थाने में आरोपियों धनास स्थित ईडब्लूएस कालोनी निवासी अजय और महेश ने पुलिस को बताया कि देसराज को मारने के बाद वे दोनों मौली जागरां गए थे। वहां इन्होंने कपड़े बदले और खून सने कपड़े और चाकू वहां छिपा दिया था।
आज पुलिस ने उस सामान को बरामद कर लिया। मामले की जांच जारी है।
'पत्नी पर गलत नजर थी, इसलिए पति को मार डाला'
इससे पहले पूछताछ में आरोपियों से पता चला था कि दोनों मृतक की पत्नी पर गलत नजर रखे थे। कुछ दिन पहले ही मृतक देशराज ने दोनों को पत्नी पर गलत नजर रखने के चलते धमकाया था।
इसका बदला लेने के लिए पहले अजय और महेश ने देशराज को शराब पिलाई फिर दोनों ने उसकी हत्या कर दी।
एसएसपी डॉ सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि प्लंबर देशराज की हत्या के बाद पुलिस ने जब उसका मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो आखिरी कॉल राजेश के नंबर से गई हुई थी। पुलिस ने राजेश से पूछताछ की तो पता चला कि उसका फोन अजय ने मिस कॉल के लिए लिया था।
जांच के दौरान पता चला कि धनास स्थित ईडब्लूएस कालोनी केअजय ने दो जनवरी को शाम छह बजे टैक्सी चालक महेश कुमार को फोन पर टैक्सी लेकर धनास बैरियर पर बुलाया था।
टैक्सी चालक धनास बैरियर पर अजय, महेश और देशराज को बैठाकर बुड़ैल लेकर गया। वहां तीनों ने जमकर शराब पी। अजय ने दुबारा टैक्सी चालक को गारबेज प्लांट के पास चलने को कहा और उसे वहा खड़ा करके तीनों सैर करने चले गए।
थोड़ी देर बाद अजय और महेश खून से लथपथ आए और महेश को कहा कि उन्होंने देशराज की हत्या कर दी है। इसके बाद अजय और महेश ने धमकी दी और मौलीजागरां छोड़ने के लिए कहा।
टैक्सी चालक महेश ने डर के मारे दोनों को मौलीजागरां छोड़कर मामले की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने महेश और अजय को बापूधाम से दबोच लिया था।
ध्यान रहे कि डड्डूमाजरा से धनास जाने वाली सड़क के किनारे जंगल में शनिवार को प्लंबर देशराज का शव मिला था। तेजधार चाकू से गर्दन पर 20 और पेट पर 19 वार किए गए थे ।