हरियाणा के करनाल में ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर ससुर, साले और नौकर की हत्या करने वाले दामाद नरेंद्र की पीछे की कहानी सुनिए। झगड़ा मामूली था, लेकिन इस झगड़े के कारण मौत का घिनौना खेल खेला गया।
ससुर प्रेम सिंह के परिवार ने कभी सपने में भी ऐसा नहीं सोचा होगा कि दस साल पहले जिसे अपने परिवार का सदस्य बनाकर बेटी का हाथ सौंपा, वही एक दिन उनके परिवार को खत्म कर देगा। उसके दामाद नरेंद्र के सिर पर खून सवार था, वह प्रेम सिंह के हर एक सदस्य को मौत के घाट उतारने के लिए आगे बढ़ चुका था।
इसमें प्रेम सिंह, उसका लड़का श्रीपाल व उसका एक नौकर रविंद्र काल की भेंट चढ़ गए, जबकि उसकी पत्नी रामप्यारी पीजीआई चंडीगढ़ में मौत से जूझ रही है। शनिवार रात प्रेम सिंह के परिवार पर काल बनकर मंडराई। जिसने हर किसी को सकते में डाल दिया। प्रेम सिंह के परिवार के साथ हुई वारदात को लेकर पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
पत्नी ने घर आने से मना किया तो गुस्साया
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाला प्रेम सिंह रोजमर्रा की तरह अपने काम निपटाकर खेत में चला गया था। घर पर उसका लड़का श्रीपाल, उसकी पत्नी रामप्यारी व बेटी सोनिया ही थी। आरोपी नरेंद्र की पत्नी सोनिया मायके आई हुई थी। खाना खाने के बाद सभी सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी सोनिया के फोन पर नरेंद्र का फोन आया और उसे ससुराल में आने को कहा।
सोनिया ने नरेंद्र को साफ मना कर दिया और इसके बाद नरेंद्र ने सोनिया के भाई श्रीपाल से बात की तो उन्होंने भी उसकी बात नहीं मानी, जिससे नरेंद्र का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसी वक्त नरेंद्र ने श्रीपाल के पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। जिसे श्रीपाल ने साधारण धमकी समझा, लेकिन नरेंद्र इरादा कर चुका था।
पत्नी और बच्चों को छोड़ा
शनिवार रात को ही लगभग दो बजे नरेंद्र अपने एक साथी के साथ नशे की हालत में कोहंड पहुंचा और घर में घुसकर साले श्रीपाल और अपनी सास रामप्यारी को गोली मार दी। भाई तथा मां पर बरसी गोलियों की आवाज सुनकर सोनिया बीच बचाव करने पहुंची तो नरेंद्र ने उसे धक्का देकर एक तरफ कर दिया और जान से मारने की धमकी दे डाली।
मौत का यह तांडव घर पर ही नहीं रुका। इसके बाद नरेंद्र बंदूक लहराता हुआ पहुंचा प्रेम सिंह के खेत में जहां प्रेम सिंह अपने नौकर रविंद्र के साथ सोया था। प्रेम सिंह कुछ समझ पाता इतने में ही उस पर गोलियां चलनी शुरू हो गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद जब प्रेम सिंह का नौकर रविंद्र बीच बचाव करने पहुंचा तो उसे भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
साले की पत्नी को मारने पहुंचा करनाल
आरोपी नरेंद्र साले श्रीपाल की पत्नी मंजू और उसके बच्चों को भी खत्म करना चाहता था, लेकिन मंजू बच्चों हिमांशु और पारस के साथ अपने मायके करनाल आई थी। नरेंद्र उन्हें खत्म करने के लिए करनाल पहुंचा, लेकिन मायके से मंजू आगे अपने मामा के घर पर जा चुकी थी। जिससे मंजू और उसके दोनों बच्चे बच गए। लेकिन मंजू आज अपना सब कुछ खो चुकी है।
अपने पति और ससुर की हत्या से मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है। जहां तीन लोग दामाद के खूनी खेल का शिकार हो गए, वहीं मंजू की सास पीजीआई चंडीगढ़ में मौत से लड़ाई कर रही है। गांव में पूरा दिन सन्नाटा छाया रहा और ग्रामीण तीनों लोगों के शवों का पथरीली आंखों से इंतजार कर रहे थे। पूरे गांव में चूल्हा तक नहीं चढ़ा।