पंचकूला में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को सेक्टर-17 स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहे एडवांस गायनी सेंटर में छापेमारी की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को एमटीपी सेट सहित गर्भपात के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रतिबंधित किट बरामद हुई।
सेक्टर-14 थाना पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डा. सरोज की शिकायत पर एडवांस गायनी केयर क्लीनिक के खिलाफ पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, जब अस्पताल के डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई तो वह नहीं मिले। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि डाक्टर का मोबाइल नंबर भी स्विच आफ आ रहा है।
पंचकूला के सिविल सर्जन डा. वीके बंसल ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल में गर्भपात से संबंधित जिला स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन (पीएनडीटी) डा. सरोज ने टीम गठित कर सेक्टर-17 के अस्पताल में छापेमारी की। डिप्टी सिविल सर्जन डा. सरोज ने बताया कि उन्हें एक शिकायत मिली थी। शिकायत में सेक्टर-17 के जिस गायनी केयर क्लीनिक का जिक्र किया गया था। वह सेंटर प्राइवेट अस्पताल के भवन में चल रहा था।
जब टीम के साथ वह मौके पर पहुंचीं तो सेंटर में डाक्टर या नर्स तो दूर चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी भी नहीं था। पूछताछ के लिए अस्पताल की नर्स श्रीरा को बुलाया गया। श्रीरा ने सेंटर को लेकर ठोस जानकारी नहीं दी। उसने बताया कि अस्पताल के संचालक ऊपरी फ्लोर पर रहते हैं। डिप्टी सिविल सर्जन ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल के संचालक के न मिलने पर उनकी पत्नी से पूछताछ और जांच की गई। इस दौरान गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित किट बरामद हुई।
डीसीपी अनिल कुमार धवन ने बताया जिला स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डा. सरोज की शिकायत पर सेक्टर-14 थाना पुलिस ने एडवांस गायनी केयर क्लीनिक सेक्टर-17 के खिलाफ पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। वहीं जब संबंधित अस्पताल के डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई तो वह नहीं मिले। पुलिस के अनुसार डाक्टर का मोबाइल नंबर भी स्विच आफ आ रहा है।
कैसे खुली अल्ट्रासाउंड की सील: छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन को भी चैक किया। डा. सरोज के मुताबिक अस्पताल में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन काफी पहले सील की गई थी, लेकिन जब इस मशीन को चैक किया गया तो इसकी सील खुली मिली। सील को खोलना कानून अपराध है। हालांकि अभी ये नहीं कहा जा सकता कि इस मशीन का इस्तेमाल हो रहा था या नहीं।
पुलिस को भी नहीं दी गई छापेमारी की सूचना: छापेमारी के दौरान पुलिस मौजूद नहीं थी। इस छापेमारी को बेहद गोपनीय रखा गया। डिप्टी सिविल सर्जन के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि छापेमारी के दौरान पूरा अमला लेकर जाने से वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती थी। वहीं स्थानीय डाक्टरों का प्रेशर भी आ सकता था। इसलिए पुलिस और मीडिया को इस छापेमारी की जानकारी नहीं दी गई।