गर्भपात की दवा बेचती लेडी डॉक्टर गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 800 रुपये में मरीज को गर्भपात की दवा बेचती क्लीनिक संचालिका डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ा। मामला हरियाणा के पंचकूला का है। स्वास्थ्य एवं महिला बाला विकास विभाग की ज्वाइंट टीम ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए एमटीपी किट बेचते हुए सेक्टर-15 स्थित फैमिली क्लीनिक की संचालिका डॉक्टर अरुणा को रंगे हाथों पकड़ा है।
टीम ने डॉक्टर को आठ सौ रुपये और एमटीपी किट के साथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एमटीपी एक्ट की धारा 4 और 5 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना मिली थी कि सेक्टर-15 स्थित मकान नंबर -7 में फैमिली क्लीनिक की संचालिका प्रतिबंधित एमटीपी को बेचने का काम करती हैं।
फर्जी ग्राहक बनकर डॉक्टर को पकड़ा उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. वीके बंसल व एवं महिला विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर, महिला इंस्पेक्टर नेहा चौहान ने टीम गठित की। डाक्टर को रंगे हाथों पकड़ने के लिए टीम के सदस्यों ने सेक्टर-15 के मकान नंबर-7 में एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा। महिला ने निजी अस्पताल फैमिली क्लीनिग में तैनात डॉ. अरुणा से एमटीपी किट की मांग की। 800 रुपये में एमटीपी का सौदा तय हो गया। जैसे ही महिला को डॉक्टर अरुणा ने एमटीपी किट दिया टीम ने डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ लिया।
सेक्टर-15 स्थित मकान नंबर 7 में प्राइवेट अस्पताल में एमटीपी किट बेचती थ्ाीं
गर्भपात की दवा बेचती लेडी डॉक्टर गिरफ्तार
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किट और आठ रुपये बरामद
इस दौरान टीम ने महिला डॉक्टर अरुणा से एमटीपी किट और 800 रुपए भी बरामद किए हैं। डॉ. सरोज अग्रवाल ने जब महिला डॉक्टर की डिग्री देखनी चाही तो उन्होंने स्वयं को बीएएमएस डॉक्टर बताया, लेकिन डिग्री नहीं दिखाई।
इस पर टीम के सदस्यों ने महिला डाक्टर को पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में सेक्टर-14 थाना की पुलिस ने महिला डॉक्टर के खिलाफ एमटीपी एक्ट की धारा 4 व 5 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार लिया है।
उपायुक्त के आदेश पर की कार्रवाई
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-15 स्थित मकान नंबर 7 में प्राइवेट अस्पताल में डॉ. अरुणा अवैध रुप से एमटीपी किट बेचती हैं।
इसके बाद मामले को उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया और उनके निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा गया और उसे रंगे हाथों अवैध रुप से किट बेचते हुए पकड़ा।