देश में रैगिंग बैन है, उसके बावजदू एक शैक्षणिक संस्थान में रैगिंग का शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। घटना हरियाणा के अंबाला शहर की है। यहां स्थित एक नर्सिंग स्कूल के हॉस्टल में ये रैगिंग की गई।
फर्स्ट ईयर की छात्राओं ने सीनियर छात्राओं पर शर्मनाक व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। पता चला है कि रैगिंग से दुखी चार छात्राओं ने तो कोर्स से नाम ही कटवा लिया। परेशान होकर चार छात्राओं ने कोर्स से नाम कटवा लिया है और वे चारों अंबाला की ही रहने वाली हैं।
मानसिक व शारीरिक रूप में प्रताड़ित करती हैं
rape with minor
मिली जानकारी के अनुसार, शहर में बने फिलाडेलफिया अस्पताल (मिशन अस्पताल) में एक नर्सिग स्कूल चल रहा है। यहां रह रही छात्राओं ने आरोप लगाए हैं कि सीनियर छात्राएं रैगिंग करती हैं। वे उनसे टॉयलेट साफ करवाती हैं और शौच करते समय इनकी तस्वीरें खींची जाती हैं।
इसके अलावा उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता है। छात्राओं ने बताया कि सीनियर छात्राएं धमकी देते देती हैं कि अगर उन्होंने उनकी शिकायत की या उनके विरोध में बोलीं तो कॉलेज में तीन साल नहीं रहने देंगी।
परिजनों ने संस्थान में जमकर बवाल काटा
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मामला प्रिंसीपल और डायरेक्टर तक पहुंच गया है। अभिभावकों को भी जब इस मामले का पता चला तो उन्होंने जमकर बवाल काटा। साथ ही प्रिंसीपल और डायरेक्टर पर मामले की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
परिजनों ने कहा कि वे इस मामले के बारे में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को लिखित शिकायत देंगे। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रिंसिपल सहित संस्थान के डायरेक्टर मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभिभावक मानने के लिए तैयार नहीं हुए।
मैंने परिजनों से बात की है। यदि वे अपनी बेटियों को यहां नहीं रखना चाहते तो 1 नवंबर को फीस व डाक्यूमेंट वापस कर दिए जाएंगे। अभी दाखिला प्रक्रिया चल रही है। डाक्यूमेंट जांच के लिए रखे जाते हैं। रैगिंग के आरोप निराधार है।
-एस सादिक, डायरेक्टर