पंचकूला पुलिस जंगलराज का यह हाल है कि वरिंद्र हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट दबाव के कारण बदल दी गई है। यह आरोप वरिंद्र के परिजनों ने पंचकूला की पुलिस और रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टरों पर लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उनके सामने वरिंद्र पर तलवारों से कई बार मारा गया, उसे एक किलोमीटर तक मुंह के बल गाड़ी से घसीटा और फिर कुचल दिया। मौके से हथियार भी बरामद किया गया। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर्फ 20 इंजरी बताई गई है, इसमें भी तलवार से हमले का एक भी निशान नहीं है। रिपोर्ट में हत्या को हादसा बताने की कोशिश की गई है।
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बता दें कि यह वही पंचकूला पुलिस है जिसने ज्योति मर्डर केस को भी पूरी तरह कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। ज्योति हत्याकांड में आरोपी दून के विधायक रामकुमार चौधरी को केस कमजोर होने के कारण कोर्ट ने बरी कर दिया था। अब वरिंद्र हत्याकांड में भी पंचकूला पुलिस एक बार फिर यही खेल दोहराने की फिराक में हैं। जिसकी शुरुआत इस रिपोर्ट से हो चुकी है।
वीरवार को जारी वरिंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक भी तलवारों से हमले की पुष्टि नहीं है। जबकि हकीकत है कि वारदात की रात वरिंद्र पर बीसों बार तलवार मारी गई। जहां से वरिंद्र की लाश बरामद की गई है। उस जगह से फॉरेंसिक ने टीम तेजधार हथियार रिकवर भी किए हैं। इसके बावजूद सिर्फ 20 इंजरी के अलावा कुछ न आना रिपोर्ट को सवालों के कटघरे में लाता है।
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'हत्या के आरोपियों को सजा-ए-मौत से कम मंजूर नहीं'
हत्याकांड में गेट पर लगी तलवार व कृपाण के निशान दिखाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
मृतक वरिंद्र के मामा निर्मल सिंह और चचेरे भाई अवतार सिंह का कहना है कि हत्या के मुख्य आरोपी मनमीत उर्फ मोंटी की मां इनेलो से पार्षद है। ऐसे में राजनीतिक दबाव के कारण पंचकूला पुलिस हत्या के मामले को हादसा दिखाने की कोशिश कर रही है। इसी कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसे गैर इरादतन हादसा दिखाकर सजा कम कराई जा सके। जबकि वरिंद्र की मां व परिजनों ने कहा कि वरिंद्र के हत्यारों को सजा-ए-मौत की सजा से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
नाम न बताए जाने की शर्त पर पंचकूला पुलिस के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि वरिंद्र की हत्या के बाद से पुलिस पर लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। वरिंद्र की हत्या के मुख्य आरोपी मनमीत उर्फ मोंटी और हरमनप्रीत को सजा से बचाने के लिए पंचकूला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन पर सुझाव दिए जा रहे हैं। ऐसे में मृतक के परिजनों ने अब हरियाणा के मुख्यमंत्री से न्याय के लिए गुहार लगाने का फैसला किया है। परिजनों ने कहा कि अगर अन्याय किया गया तो वह संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे और पूरा पंचकूला उनका साथ देने को तैयार है।
वरिंद्र की मौत का कारण ब्रेन हैमरेज बताया
वरिंद्र के पोस्टमार्टम के लिए दो डॉक्टरों का स्पेशल पैनल तैयार किया गया था। जिसमें डॉक्टर केके बंसल और डॉ. मुनेंद्रा शामिल थे। डॉक्टरों का कहना है कि वरिंद्र की मौत का कारण ब्रेन हैमरेज, ब्रेन के अंदर का स्कल टूट जाना और शॉक बताया जा रहा है। डॉक्टरों ने कहा कि वरिंद्र का दो बार पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की वीडियो भी उपलब्ध है।
डॉक्टर मुनेंद्रा ने तैयार की है रिपोर्ट, हादसा बताने की पूरी कोशिश
वरिंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर मुनेंद्रा ने तैयार की है रिपोर्ट, हादसा बताने की पूरी कोशिश
सवाल: वरिंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कितनी इंजरी दिखाई है।
जवाब: पोस्टमार्टम करते समय वरिंद्र के पूरे शरीर पर 20 इंजरी पाई गई।
सवाल: क्या वरिंद्र के शरीर पर किसी तेजधार हथियार से किए गए वार का निशान है।
जवाब: पोस्टमार्टम करते समय वरिंद्र के शरीर पर तेजधार हथियार से किए गए वार का एक भी निशान नहीं मिला।
सवाल: वरिंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का क्या कारण है।
जवाब: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वरिंद्र की मौत का कारण ब्रेन हैमरेज, रिबकैज टूटने और शॉक का कारण बताया जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने कुछ भी नहीं बताया है, रिपोर्ट में तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। मैंने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मैं खुद डॉक्टरों के पैनल से इस संदर्भ में जानकारी लूंगा और उचित कार्रवाई करूंगा।
- अनिल कुमार धवन, डीसीपी, पंचकूला पुलिस
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोप लगाते हुए परिजनों ने डीसीपी ऑफिस में वीरवार को जमकर हंगामा किया। परिजनों ने कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस हत्या के मामले को हादसा दिखाने में जुटी है। ताकि आरोपियों की सजा कम कराई जा सके।
कुछ देर तक हंगामे के बाद डीसीपी ने परिजनों से फिर मुलाकात की। डीसीपी अनिल कुमार धवन ने परिजनों से कहा कि सभी हत्यारों को जल्द पकड़ा जाएगा। सीआईए की टीम लगातार पंजाब व आसपड़ोस के राज्यों में दबिश दे रही है। परिजनों ने डीसीपी से बताया कि मुख्य आरोपी मनमीत उर्फ मोंटी के पिता वारदात वाले दिन गाड़ी में मौजूद था। परिजनों ने कहा कि वरिंद्र की हत्या में मनमीत उर्फ मोंटी के पिता का हाथ है। मनमीत और उसके बाप ने अवतार को मारने की प्लानिंग की थी। परिजनों ने आरोपी के बाप को भी गिरफ्तार करने की मांग की। वरिंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से असंतुष्ट परिजनों को डीसीपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। वह खुद पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की जांच करेंगे।
डीसीपी के सामने बेसुध हुई मां
वरिंद्र की हत्या को तीन दिन गुजर चुके है। पंचकूला पुलिस अब तक तीन ही लोगों को गिरफ्तार कर सकी है। वरिंद्र हत्याकांड में शामिल सात अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की बात मृतक की मां व परिजनों ने डीसीपी से कही। मृतक की मां दविंद्र कौर ने डीसीपी के सामने हाथ जोड़कर कहा कि आरोपियों को सख्त सजा दिलाओ। बाकी जो आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे हो। यह कहते हुए वरिंद्र की मां बेसुध हो गई। इसके बाद अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला। परिजनों ने बताया कि वरिंद्र की मां हत्या के बाद से सो नहीं नहीं रही है। उसे डॉक्टर इंजेक्शन दे रहे हैं ताकि उन्हें नींद आ सके।