राष्ट्रीय हॉकी टूनार्मेंट का सेमीफाइनल दिल्ली-पंजाब के बीच था। पंजाब की टीम हारी तो बौखलाए खिलाड़यों ने मैदान पर ही शर्मनाक हरकत कर दी। खिलाड़ियों ने रेफरी का गिरेबां पकड़ लिया और उसे मैदान में गिराने की कोशिश करने लगे।
खिलाड़ियों की हरकत से खफा होकर कोच ने उन पर हाथ उठा दिया। साथ ही उनके बुरे बर्ताव को देखते हुए रेड कार्ड थमा दिया। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामला सुलझाया।
हंगामा रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही राष्ट्रीय स्तरीय ग्रामीण प्रतियोगिता में हॉकी के सेमिफाइनल मैच में हुआ। खिलाड़ी रेफरी के निर्णय का विरोध कर रहे थे।
सेमीफाइनल मैच में निर्णय पर हुआ विवाद
प्रतियोगिता के तीसरे दिन हॉकी का सेमीफाइनल मैच पंजाब और दिल्ली के बीच चल रहा था। दिल्ली के खिलाड़ी शानदार पारी खेलते हुए एक के बाद एक गोल करते गए। दिल्ली की टीम ने जहां तीन गोल दागे वहीं पंजाब खाता भी न खोल सकी।
इसके बाद पंजाब की टीम ने भी एक गोल किया। लेकिन थोड़ी ही देर में जब दिल्ली की ओर से किए गए एक और गोल को रेफरी ने जायज ठहराया तो पंजाब के खिलाड़ियों ने आपत्ति जताई।
देखते ही देखते खिलाड़ियों ने रेफरी का गिरेबां पकड़ लिया और हाथापाई करने लगे। मौके पर खड़े कोच और अन्य राज्यों की टीमों के प्रतिनिधियों ने तुरंत पुलिस पीसीआर को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर ही मामला शांत हुआ।
कैप्टन को चेतावनी, तीन को रेड कार्ड
पंजाब टीम के तीन खिलाड़ियों को अधिकारियों ने खेल नियम बताए। साथ ही टीम के कोच ने रेफरी के साथ बुरे बर्ताव के लिए थप्पड़ जड़े। वहीं इस बर्ताव के लिए टीम के कैप्टन को चेतावनी देते हुए तीन अन्य खिलाड़ियों को रेड कार्ड देकर बाहर कर दिया गया। दिल्ली को टीम को 4-1 से जीत दे दी गई।
मामला संज्ञान में नहीं
दिल्ली व पंजाब टीम के बीच हॉकी के सेमीफाइनल मैच के दौरान हुए हंगामे की सूचना उनके पास नहीं है। इस विवाद से संबंधित कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।
-ओमपती मल्हान, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी