पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पंजाब मानवाधिकार आयोग को कर्मचारियों एवं अधिकारियों के सेवा नियम 2 महीने में बनाने का निर्देश जारी किया है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दो महीने में सेवा नियम नहीं बने तो गृह विभाग के प्रमुख सचिव निजी तौर पर पेश होकर जवाब दें। उल्लेखनिए है कि डेढ़ दशक पहले गठित हुए आयोग ने बगैर सेवा नियम के सैकड़ों की तादात में कर्मचारियों व अधिकारियों की भर्ती की गई थी, जिससे उनकी नौकरी पर भी संशय बना हुआ था।
इस विषय को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका ददायर की गई थी कि सेवा नियम बनाए जाएं। हाईकोर्ट पहले ही निर्देश दे चुका है कि सेवा नियम बनाते समय इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए कि बगैर नियमों के भर्ती किए कर्मचारियों पर आंच न आए।