एसीपी सेंट्रल हरसिमरत सिंह का कहना है कि आरोपी नशे में था। इस वजह से वह बयान नहीं दे सका। आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है। मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के घरवालों के बयान के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल बच्ची को सिविल अस्पताल भेजकर उसका मेडिकल करवाया गया है।
लोगों का आरोप, पुलिस की लापरवाही से हुई मौत
वहीं इलाके के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी की मौत हुई है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने आरोपी को पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने आरोपी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जबकि उस समय वह होश में था। पुलिस उसे पैदल चलाकर अपनी गाड़ी तक ले गई और काफी देर से धूप में खड़ी गाड़ी में ही बिठाए रखा।
इसके बाद पुलिस जांच करने लगी। आरोपी को उसी समय बेहोशी आने लगी थी, जब वह पुलिस की गाड़ी में बैठा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी की मौत पिटाई के कारण नहीं बल्कि ज्यादा नशे, गर्मी और समय पर इलाज न मिलने के कारण हुई है।