खरड़ के सन्नी एनक्लेव स्थित एक नामी स्कूल के बाहर गुरुवार सुबह तीन गोलियां मारकर एक शिक्षिका की हत्या कर दी गई। वारदात के समय उसकी पांच साल की बेटी भी साथ में थी। आरोपी ने घात लगाकर स्कूल की पार्किंग में हमला किया। इसके बाद आरोपी एक कार में बैठकर फरार हो गए। वारदात कैमरे में कैद हो गई है। आरोपी का चेहरा कवर था इसलिए उनकी पहचान नहीं हो सकी है।'
पुलिस ने शिक्षिका सरबजीत कौर (35) के पिता राजकुमार की शिकायत पर मामले में अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है। वह गांव छज्जूमाजरा में किराए पर रह रही थी। वह स्कूल में पंजाबी और फ्रेंच विषय पढ़ाती थी। वह कुछ समय पहले ही बच्ची के साथ फ्रांस से लौटकर खरड़ में पति से अलग रहने लगी थी। पुलिस का कहना है कि कांट्रैक्ट किलिंग समेत विभिन्न बिंदुओं पर मामले की जांच की जा रही है
स्कूटी पार्क करने के दौरान की फायरिंग
घटना गुरुवार सुबह साढ़े सात से लेकर आठ बजे के बीच की है। सरबजीत कौर अपनी स्कूटी पर बच्ची सहित स्कूल के बाहर पार्किंग में पहुंची थी। जब वह स्कूटी को पार्क कर रही थी, तभी चेहरा कवर किए हुए हमलावर वहां पहुंच गया। इसके बाद उसने एक के बाद एक तीन फायर किए। इस दौरान एक गोली सरबजीत के चेहरे और दो छाती पर लगीं। इसके बाद वह वहीं गिर गई। गोलियों की आवाज सुनकर स्कूल मैनेजमेंट वाले इकट्ठे हो गए और उसे फेज-छह स्थित सिविल अस्पताल ले गए जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रिवाल्वर देख डरे लोग
सनातन धर्म मंदिर सन्नी एनक्लेव के पास शहीद भगत सिंह मार्केट के सामने यह वारदात हुई। वारदात के वक्त कई लोग अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आए हुए थे। गोली चलने की घटना के बाद लोगों ने भागते हुए युवक को पकड़ने के लिए शोर मचाया लेकिन युवक के हाथ में रिवाल्वर देख कर किसी की भी हिम्मत उसे पकड़ने की नहीं हुई।
सफेद कार में फरार हुए आरोपी, नंबर प्लेट पर पोत रखा था काला पेंट
पुलिस के मुताबिक स्कूल के मेन गेट में लगे कैमरे में सारी वारदात कैद हो गई थी। इसमें एक व्यक्ति नजर आ रहा है जिसने अपना चेहरा गर्म लोई या कपड़े से कवर किया हुआ था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से एक सफेद रंग की कार में फरार हो गए। कार कोई और चला रहा था। वहीं नंबर प्लेट पर काला पेंट पोता हुआ था।
स्कूल के अंदर पार्किंग होती तो बच जाती जान
शिक्षिका सरबजीत कौर की मौत के बाद घटना स्थल पर इकट्ठे हुए लोगों का कहना था कि यह घटना टल सकती थी। अगर स्कूल के स्टाफ के वाहनों की पार्किंग अंदर होती। स्कूल के अंदर लगभग दो एकड़ से अधिक खाली जगह होने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने स्कूल के बाहर सड़क पर अवैध तौर पर तार लगाकर पार्किंग बनाई हुई है। प्रिंसिपल के अलावा बाकी सभी स्टाफ के वाहन बाहर शहीद भगत सिंह मार्केट की पार्किंग या स्कूल की चारदीवारी के साथ बनीं अवैध पार्किग में खड़े होते हैं। स्कूल के गेट के ठीक सामने मंदिर है, जहां सुबह भक्तों की भीड़ रहती है।
इसके अलावा बहुत से अभिभावक भी बच्चों को छोड़ने आते हैं। इतनी भीड़ में हत्या होने से अभिभावक सहमे हुए हैं। कुछ बच्चों के माता-पिता ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि स्कूल में पर्याप्त जगह होने के बावजूद पार्किंग अवैध तौर पर बाहर है। दोपहर को छुट्टी के समय स्कूल से अपने बच्चों को लेने आए माता-पिता को मजबूरन गेट के बाहर हर मौसम में खड़े रहना पड़ता है। उनके बैठने के लिए स्कूल ने कोई इंतजाम नहीं किया है। भारी-भरकम फीस के बावजूद उन्हें हर रोज स्कूल की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।