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मोहालीः खरड़ में गोली मारकर प्राइवेट स्कूल की टीचर की हत्या, छात्रों में मची अफरा-तफरी

Fri, 06 Dec 2019 12:28 AM IST
खुशबू गोयल अमित शर्मा, अमर उजाला, खरड़(मोहाली)
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मृतका टीचर सरबजीत कौर - फोटो : अमर उजाला
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खरड़ के सन्नी एनक्लेव स्थित एक नामी स्कूल के बाहर गुरुवार सुबह तीन गोलियां मारकर एक शिक्षिका की हत्या कर दी गई। वारदात के समय उसकी पांच साल की बेटी भी साथ में थी। आरोपी ने घात लगाकर स्कूल की पार्किंग में हमला किया। इसके बाद आरोपी एक कार में बैठकर फरार हो गए। वारदात कैमरे में कैद हो गई है। आरोपी का चेहरा कवर था इसलिए उनकी पहचान नहीं हो सकी है।'

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पुलिस ने शिक्षिका सरबजीत कौर (35) के पिता राजकुमार की शिकायत पर मामले में अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है। वह गांव छज्जूमाजरा में किराए पर रह रही थी। वह स्कूल में पंजाबी और फ्रेंच विषय पढ़ाती थी। वह कुछ समय पहले ही बच्ची के साथ फ्रांस से लौटकर खरड़ में पति से अलग रहने लगी थी। पुलिस का कहना है कि कांट्रैक्ट किलिंग समेत विभिन्न बिंदुओं पर मामले की जांच की जा रही है 

स्कूटी पार्क करने के दौरान की फायरिंग 
घटना गुरुवार सुबह साढ़े सात से लेकर आठ बजे के बीच की है। सरबजीत कौर अपनी स्कूटी पर बच्ची सहित स्कूल के बाहर पार्किंग में पहुंची थी। जब वह स्कूटी को पार्क कर रही थी, तभी चेहरा कवर किए हुए हमलावर वहां पहुंच गया। इसके बाद उसने एक के बाद एक तीन फायर किए। इस दौरान एक गोली सरबजीत के चेहरे और दो छाती पर लगीं। इसके बाद वह वहीं गिर गई। गोलियों की आवाज सुनकर स्कूल मैनेजमेंट वाले इकट्ठे हो गए और उसे फेज-छह स्थित सिविल अस्पताल ले गए जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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रिवाल्वर देख डरे लोग
सनातन धर्म मंदिर सन्नी एनक्लेव के पास शहीद भगत सिंह मार्केट के सामने यह वारदात हुई। वारदात के वक्त कई लोग अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आए हुए थे। गोली चलने की घटना के बाद लोगों ने भागते हुए युवक को पकड़ने के लिए शोर मचाया लेकिन युवक के हाथ में रिवाल्वर देख कर किसी की भी हिम्मत उसे पकड़ने की नहीं हुई।

सफेद कार में फरार हुए आरोपी, नंबर प्लेट पर पोत रखा था काला पेंट 
पुलिस के मुताबिक स्कूल के मेन गेट में लगे कैमरे में सारी वारदात कैद हो गई थी। इसमें एक व्यक्ति नजर आ रहा है जिसने अपना चेहरा गर्म लोई या कपड़े से कवर किया हुआ था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से एक सफेद रंग की कार में फरार हो गए। कार कोई और चला रहा था। वहीं नंबर प्लेट पर काला पेंट पोता हुआ था।

स्कूल के अंदर पार्किंग होती तो बच जाती जान
शिक्षिका सरबजीत कौर की मौत के बाद घटना स्थल पर इकट्ठे हुए लोगों का कहना था कि यह घटना टल सकती थी। अगर स्कूल के स्टाफ के वाहनों की पार्किंग अंदर होती। स्कूल के अंदर लगभग दो एकड़ से अधिक खाली जगह होने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने स्कूल के बाहर सड़क पर अवैध तौर पर तार लगाकर पार्किंग बनाई हुई है। प्रिंसिपल के अलावा बाकी सभी स्टाफ के वाहन बाहर शहीद भगत सिंह मार्केट की पार्किंग या स्कूल की चारदीवारी के साथ बनीं अवैध पार्किग में खड़े होते हैं। स्कूल के गेट के ठीक सामने मंदिर है, जहां सुबह भक्तों की भीड़ रहती है।

इसके अलावा बहुत से अभिभावक भी बच्चों को छोड़ने आते हैं। इतनी भीड़ में हत्या होने से अभिभावक सहमे हुए हैं। कुछ बच्चों के माता-पिता ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि स्कूल में पर्याप्त जगह होने के बावजूद पार्किंग अवैध तौर पर बाहर है। दोपहर को छुट्टी के समय स्कूल से अपने बच्चों को लेने आए माता-पिता को मजबूरन गेट के बाहर हर मौसम में खड़े रहना पड़ता है। उनके बैठने के लिए स्कूल ने कोई इंतजाम नहीं किया है। भारी-भरकम फीस के बावजूद उन्हें हर रोज स्कूल की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लव मैरिज कर गई फ्रांस, पति के काम न करने से टूटा परिवार

खरड़ में स्कूल के बाहर की गई शिक्षिका की हत्या के मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। खरड़ सदर पुलिस के थानाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने बताया कि सर्बजीत कौर के पिता राज कुमार के बयानों पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 302 के अधीन मामला दर्ज कर लिया है।

मीडिया से बातचीत में मृतका के भाई दिलप्रीत सिंह ने बताया कि उसकी बहन सर्बजीत कौर ने 2012 में अपनी मर्जी से हरविंदर सिंह निवासी बरनाला के साथ लव मैरिज करवा ली थी। इसके बाद दोनों पति-पत्नी फ्रांस चले गए। वहां पर ही उन्हें बेटी आराध्या पैदा हुई। 2018 में सर्बजीत कौर अपने पति व बेटी के साथ वापस भारत लौट आई। दोनों पति-पत्नी गांव दाऊं (रामगढ़) में किराये के मकान में रहने लगे थे।

सर्बजीत कौर का पति हरविंदर सिंह कोई काम नहीं करता था। इस कारण पति-पत्नी में अनबन रहने लगी थी। पिछले कुछ महीने से हरविंदर सिंह अपने पैतृक घर बरनाला चला गया था। वहीं सर्बजीत कौर एक निजी स्कूल में पंजाबी व फ्रेंच पढ़ाने लगी। उसकी बेटी आराध्या भी इसी स्कूल में पढ़ती है।

सात-आठ महीने पहले उसने एसबीपी होम्ज सेक्टर 126 में फ्लैट नंबर 240/6 खरीदा था लेकिन इस फ्लैट में सर्बजीत कौर स्कूल से आने के बाद थोड़ी देर ही ठहरती थी और बाद में अपनी बेटी के साथ वह अपने मायके फेज-चार मोहाली चली जाती थी। लगभग तीन महीने पहले सर्बजीत ने पति से तलाक लेने के लिए अदालत में केस दायर किया था।

भाई बोला- किसी पर संदेह नहीं
मृतका के भाई ने कहा कि उन्हें किसी पर संदेह नहीं। सोचने को कुछ भी सोच सकते हैं लेकिन कुछ कह नहीं सकते है। करीब एक साल से जीजा परिवार के संपर्क में नहीं था। दोनों को घरेलू अत्याचार का केस चल रहा है।

पैदल आए अंकल ने छोटी पिस्टल से मम्मी को मारा, फिर भाग गए
अराध्या ने पुलिस को रुआंसी आवाज में बताया कि एक अंकल पैदल ही आए। बिना कुछ कहे मम्मी पर छोटी पिस्टल से गोली चला दी। यह देखकर वह ऑटो के पीछे छिप गई इतना कहते ही वह सहम गई। पुलिस ने पूछा कि गोली चलाने वाले अंकल किस तरफ गए थे तो इशारा कर बताया कि अंकल इस तरफ भागकर चले गए। यानी गोली मारने के बाद हत्यारा खरड़-चंडीगढ़ हाईवे की तरफ भागा। आंखों के सामने अपनी मां की मौत देखने के बाद अराध्या सहमी हुई है।
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पति आया संदेह के घेरे में, हत्या के बाद से गायब

खरड़ में शिक्षिका की हत्या के बाद भले ही पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है लेकिन मामले में महिला का पति संदेह के घेरे में आ गया है। पता चला है कि घटना के बाद से वह गायब है। पुलिस की एक टीम ने बरनाला स्थित उसके घर में भी दबिश दी थी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। वहीं उसका फोन भी बंद आ रहा है। हालांकि पुलिस पहले ही कह चुकी है कि उनकी टीमें विभिन्न एंगलों पर काम कर रही है।

दूसरी तरफ सूत्रों की माने तो सरबजीत कौर और उसका पति काफी समय से अलग रह रहे थे। वहीं दोनों में मतभेद भी चल रहे थे। जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि सरबजीत का किसी के साथ कोई विवाद भी नहीं था। इसी सेशन में उसने स्कूल ज्वाइन किया था। दूसरा यह सवाल भी है कि हमलावर ने आखिर सरबजीत को ही क्यों निशाना बनाया। साथ में खड़ी बच्ची को उसने कुछ क्यों नहीं कहा।

प्रत्यक्षदर्शी बोला- पौने घंटे से इंतजार कर रहे थे आरोपी
प्रत्यक्षदर्शी रामू ने बताया कि वह सुबह स्कूल के सामने मार्केट वाली साइड में आग सेक रहा था। उसने देखा कि एक कार में दो युवक आए थे। करीब पौने घंटे तक वह स्कूल के बाहर रहे। इस दौरान एक व्यक्ति ने अपना मुंह गर्म लोई से कवर किया हुआ था। जैसे ही मैडम  स्कूटी पर आई। उसने तुरंत उन पर गोलियां चला दीं जिससे वह गिर गई। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। वह फौरन मौके पर पहुंचा। उसने स्कूल के चौकीदार को इस बारे में बताया। इसके बाद सभी लोग वहां पर जुट गए।

तीन दिन में तीन हत्याएं
जिले में तीन दिन में तीन हत्याएं हुई है। पहली घटना मोहाली गांव में हुई थी। इसमें नाबालिग दोस्त ने ही अपने दोस्त को मौत के घाट उतारा दिया। दूसरी घटना में टीडीआई सिटी में अवैध संबंधों के संदेह में एक मजूदर ने मिस्त्री को मार दिया। वहीं यह तीसरी घटना है।
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