दस साल की सजा काट रहे दुष्कर्मी मलौद निवासी हरप्रीत सिंह ने सोमवार को लंगर हाल के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब वह काफी समय तक बाहर नहीं आया तो उसके साथियों ने अंदर जाकर देखा। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी। जेल अधिकारियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मंगलवार को कैदी हरप्रीत के शव का पोस्टमार्टम होना था लेकिन सुबह पता चला कि हरप्रीत ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं।
हरप्रीत ने सुसाइड नोट में क्या लिखा है अभी इस बात का पता नहीं चल पाया है। ताजपुर चौकी पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट अभी जेल प्रशासन के पास ही है। नोट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
हरप्रीत सिंह के खिलाफ मई 2015 को थाना मलौद में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। जनवरी 2018 में अदालत ने उसे दस साल कैद की सजा सुना दी थी। सोमवार शाम को वह लंगर हाल में काम कर रहा था। इसी दौरान वह बाथरूम में गया और अपने परने से फंदा लगा लिया। जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जगदीप सिंह भट्ठल का कहना है कि कुछ कैदी बाहर नशा करने के आदी हैं। जेल में नशा नहीं मिलता तो वह परेशान हो जाते हैं। हो सकता है हरप्रीत के साथ भी ऐसा ही हुआ हो। उन्हें तो यह भी नहीं पता कि उसके पास से कोई सुसाइड नोट मिला है।
वहीं थाना डिवीजन सात के अधीन आती चौकी ताजपुर के इंचार्ज एएसआई सुदर्शन कुमार ने बताया कि हरप्रीत का लिखा हुआ सुसाइड नोट मंगलवार को जेल अधिकारियों को मिला है। इस कारण उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। सुसाइड नोट अभी जिला पुलिस के पास नहीं आया है। जेल अधिकारी सुसाइड नोट देंगे तो आगे की कार्रवाई कर बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।