झज्जर पुलिस द्वारा पकड़े गए रोहतक में एयरफोर्स पेपर लीक प्रकरण के आरोपी एक लाख के इनामी जितेंद्र ने पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किए है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के 20 से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के लिए तीन लाख रुपयों में डील कर ली थी। हालांकि इन युवाओं से रकम नहीं ली गई थी। इसके अलावा 50 से अधिक युवाओं से गिरोह का सरगना एक करोड़ रुपये से अधिक ठग चुका था।
13 सितंबर 2018 को रोहतक के हिसार रोड स्थित श्री कृष्णा एकेडमी में एयरफोर्स का ऑनलाइन पेपर करा रहे गिरोह का सिटी थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। यहां से दो युवकों को पकड़ लिया गया था। इनकी पहचान सोनीपत जिले के धनाना के सोमबीर व गन्नौर के हार्दिक के रूप में हुई थी। गिरोह का सरगना सूर्य कॉलोनी निवासी जितेंद्र फरार चल रहा था। इस पर पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित कर दिया था। जितेंद्र सिवाच को झज्जर सीआईए ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया था।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि उसने फरारी झज्जर के अलावा दिल्ली और गुजरात में काटी थी। उसने रोहतक के अलावा पानीपत, करनाल, सोनीपत, झज्जर के 20 से अधिक युवाओं को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के बदले एक सदस्य से तीन लाख लेने की डीलिंग की थी। हालांकि रुपये नहीं दिए जा सके थे।
रोहतक पुलिस भी रिमांड पर लेकर करेगी पूछताछ
सिटी थाना प्रभारी जगबीर सिंह का कहना है कि जितेद्र सिवाच को एयरफोर्स की परीक्षा लीक कराने के मामले में कोर्ट के आदेश पर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं।