उक्त आठों गैंगस्टरों की धरपकड़ के लिए स्पेशल विंग को तैयार किया गया था। 31 दिसंबर 2018 को पंचायत चुनाव में ममदोट ब्लॉक के गांव बस्ती लखमीर के हिठाड़ में मतदाता महेंद्र सिंह की उस समय गैंगस्टरों द्वारा हत्या कर दी गई थी जब वह बूथ कैप्चरिंग में नाकाम रहने पर बैलेट बाक्स को आग लगाकर फरार हो रहे थे।
इसी दौरान महेंद्र सिंह मतदान करके वापस अपने घर जा रहा था तभी गैंगस्टरों ने उसके ऊपर स्कार्पियो चढ़ाकर कुचल दिया था। लोकसभा चुनाव से पहले गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए पुलिस की आईटी विंग द्वारा उनके मोबाइल लोकेशन को लगातार ट्रेस किया जा रहा था। इसी लोकेशन ट्रेस के आधार पर गैंगस्टर काला को पकड़ा गया।
उसी दिन काला अपने गांव आया था। उधर, गैंगस्टर गुरजंट सिंह भुल्लर उर्फ काला के पकड़े जाने के बारे में पुलिस विभाग का कोई भी आला अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है, फिलहाल काला को लेकर स्पेशल विंग के अधिकारी कहां गए हैं इसके बारे में कोई अधिकारी कुछ बताने तैयार नहीं है। एसपी (डी) बलजीत सिंह से गुरजंट सिंह की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।