सूत्रों के अनुसार पकड़े गए गैंगस्टर गुरभेज पर किडनैपिंग, मर्डर, दुष्कर्म, धोखाधड़ी, डकैती, लूटपाट समेत अन्य मामलों में पंजाब के अलग-अलग शहरों में 14 केस दर्ज हैं, जबकि उसके साथी रंगीला पर 13 मामले दर्ज है। इन दोनों को पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी। पुलिस अब जांच में जुटी है कि कितने दिनों से गैंगस्टर चंडीगढ़ में रह रहे थे।
इससे पहले सेक्टर 38 में रह रहे गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा को चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था। गैंगस्टर के चंडीगढ़ में रहने का खुलासा भी काफी समय बाद हुआ था। वहीं, कुछ महीने पहले इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक होटल में अपनी फेसबुक फ्रेंड एक युवती के साथ पहुंचे गैंगस्टर को पुलिस ने घेर लिया था लेकिन वह होटल के कमरे से कूदकर भागने की फिराक में था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी।
यह था मामला
बीते 7 मई की दोपहर को कपूरथला सिविल हॉस्पिटल में माडर्न जेल से चेकअप करवाने के लिए लाए गए गैंगस्टर गुरभेज उर्फ भेजा को पांच बदमाश सरेआम हवाई फायरिंग कर छुड़ा ले गए थे। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे दो आरोपियों को पुलिस ने लोगों की मदद से पकड़ लिया था। उसके पास से 32 बोर का देसी कट्टा, 15 कारतूस, पांच खोल, तीन मोबाइल समेत बाइक बरामद हुई थी, जबकि अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही थी।
उस दिन दोपहर करीब सवा एक बजे माडर्न जेल कपूरथला से हरभेज सिंह उर्फ भेजा निवासी सुल्तानविंड अमृतसर, अजय कुमार और विजय कुमार को तीन पुलिस मुलाजिम अस्पताल में चेकअप करवाने के लिए लाए थे। ओपीडी में कांस्टेबल जतिंदर सिंह जब विजय कुमार का चेकअप करवा रहा था तभी हरभेज सिंह कांस्टेबल केहर सिंह को धक्का मारकर भागने लगा।
इसी बीच अचानक चार युवक तेजी से आए। दो के पास रिवाल्वर थी। वे हवाई फायरिंग करते हुए गुरभेज को छुड़ा ले गए। इसी बीच पुलिस मुलाजिम जतिंदर सिंह और मेजर सिंह आरोपियों का पीछा करते हुए सिविल अस्पताल के गेट पर पहुंचे। वहां पर स्पेलेंडर बाइक पर सवार दो आरोपी भागने लगे तो पुलिस ने पीछा कर उन्हें गिरा दिया।
इस पर दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों पर फायरिंग करते हुए पैदल भाग निकले और एक कोठी में जा छिपे। दोनों पुलिसकर्मियों ने लोगों की मदद से उनको दबोच लिया। इनकी पहचान सरवन सिंह उर्फ सन्नी निवासी सुल्तानविंड, अमृतसर और मनप्रीत सिंह निवासी मजीठा रोड अमृतसर के रूप में हुई थी। गुरभेज को भगाने वाले तीन अन्य आरोपियों को बाद में अमृतसर पुलिस ने हथियारों समेत दबोच लिया था।