मौजूदा समय में एटीएम कार्ड का इस्तेमाल हर कोई करने लगा है। इससे नकदी निकासी का तरीका तो बदला लेकिन इसकी सुरक्षा करना बड़ी चुनौती है। अक्सर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। वहीं हरियाणा पुलिस ने ठगी गिरोह के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है तो वहीं लोगों को सावधान रहने की सलाह भी दी।
हरियाणा के एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि जांच में पता चला है कि यह गैंग मदद करने के बहाने लोगों को जाल में फंसाता है। ऐसे गैंग अक्सर बुजुर्गों, महिलाओं या बच्चों को टारगेट करते हैं। दोपहर या रात के समय एटीएम मशीन का उपयोग करने से परहेज करें। बैंक के कस्टमर केयर का नंबर गूगल पर न खोजें और ऑफिशियल वेबसाइट से ही संपर्क करें। अपने कार्ड का उपयोग जिस भी पीओएस पर करें, वहां अपना पासवर्ड डालते वक्त ध्यान दें कि कोई और न देख सके।
110 मामले सुलझे
स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा की एंटी एटीएम फ्रॉड सेल ने 10 महीने में एटीएम धोखाधड़ी के 110 मामलों को सुलझा लिया है। धोखाधड़ी में संलिप्त 81 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 17 लाख रुपये की राशि भी बरामद हुई है।
2022 में हुआ था एएफआईसी का गठन
पिछले साल अगस्त 2022 में एटीएम ठगी के मामलों में इजाफा हुआ। इसके बाद हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ने प्रदेश के सभी 22 जिलों में एटीएम फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन सेल (एएफआईसी) का गठन किया था। यह सेल उन केसों की जांच करती है, जिन केस में जिला पुलिस अनट्रेस रिपोर्ट फाइल करती है।
81 अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचे
स्टेट क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग जिलों के 132 अनट्रेस मुकदमों को सेल सौंपा था। इनमें से 110 अनट्रेस केसों को सुलझा लिया गया है। विभिन्न जिलों की टीमों ने पिछले 10 महीने में ही 81 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपियों के पास चोरी के 17 एटीएम कार्ड भी मिले हैं। पांच वाहनों को भी जब्त किया गया है। राज्य अपराध शाखा के एडीजीपी ओपी सिंह खुद प्रतिमाह केसों की रिपोर्ट ले रहे हैं।