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बैंक में सुरंग से सेंध, पीड़ितों ने खोले चिट्ठे

Thu, 30 Oct 2014 10:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोहाना
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बैंक में सुरंग से सेंध लगाकर चोरी के मामले में पीड़ितों का धरना जारी है। वे जल्द न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि मामला उजागर हुए तीन दिन बीत गये हैं। लेकिन अब तक न तो पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग लगा है।
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पीड़ित ग्राहकों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। हर कोई अपनी बात कह रहा है। न्यार की गुहार लगा रहा है। पुलिस के लिए मुसीबत है कि वह आरोपियों का पता कैसे लगाए और पीड़ितों को कैसे न्याय दिलाए?

पुलिस का कहना है कि जांच शुरू कर दी है, मामला सुलझने में वक्त तो लगेगा ही। दूसरी ओर, लोग जल्द से जल्द न्याय मिलने की आस लगाए बैठे हैं। पीड़ितों ने तो पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए एक कमेटी तक गठित कर ली है। जानिए, मामले को लेकर क्या कहना है लोगों का-
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मेरा तो लॉकर ही बदल दिया

बैंक में लॉकर है लेकिन उसका नंबर गलत दिया गया है। योगेश कुमार ज्योति के नाम से 236 नंबर लॉकर है, जिसकी चाबी उसके पास है। लेकिन अब 236 लॉकर की जगह पर उनके लॉकर को रिकॉर्ड में 237 दिखाया गया है। लॉकर में करीब बीस तोले सोना और आधा किलो चांदी थी।
ज्योति, निवासी मोई हुड्डा

जल्द से जल्द दिलवाओ गहने
लॉकर 214 ले रखा था। बैंक में सोना-चांदी सुरक्षित रहेगा। ये सोच कर रखा था, लेकिन चोर उसे ले उड़े। लाखों रुपये के जेवरात थे उस लॉकर में। पुलिस को चाहिये कि वे जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़े और उनका सोना व चांदी वापिस दिलवाएं। बैंक को भी अंतरिम राहत देने के लिये काम करना चाहिए।
राजेंद्र प्रसाद, निवासी गोहाना

छुपाकर दूसरे के लॉकर में रखे थे गहने
अपना लॉकर नहीं था, लेकिन दूसरे के लॉकर में घर वालों से छुपाकर करीब दस तोले सोना और दो सौ पचास ग्राम चांदी रखवा रखी थी। लॉकर के मालिक का भी सामान था इसमें। सब चोरी हो गया। चैन की सांस तब ही मिलेगी, जब सामान वापस मिल जाएगा।
तारावंती, निवासी गोहाना

20 तोले सोना था लॉकर में

लॉकर संख्या 210 था और बीस तोले सोने के साथ चांदी भी रखी हुई थी, लेकिन सोमवार को उन्हे पता चला कि उनके लॉकर में रखे सोने चांदी को चोरी कर लिया गया है। उन्हें काफी नुकसान होगा अगर उनका सोना चांदी वापिस नहीं मिला तो।
संदीप, निवासी सेक्टर 7 हुडा

डीलर ने बताया तो मानी बैंक ने गलती
बुधवार को बैंक अधिकारियों माथे की शिकन उस समय और गहरी हो गई जब टाटा नैनो गोहाना के डीलर जीतेंद्र मोर बैंक में पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि लॉकर संख्या 183, जिसे बैंक की सूची से बाहर रखा गया है, को रेगुलर ऑपरेट किया जाता रहा है। यह लॉकर जीतेंद्र मोर की छोटी भाभी सुदेश मोर पत्नी जयवीर मोर के नाम से है। बैंक ने माना कि गलती हो गई और इसके बाद संशोधित सूची फिर से जारी की।

हर रोज हो रहा है नुकसान
लीड बैंक के मैनेजर एलएल सुराणा ने बताया कि सोमवार को लूट के बाद से ही मुख्य शाखा बंद है। शाखा के बंद रहने से हर दिन काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर दिन के अगर लेन-देन की बात इस शाखा की जाए तो करीब पांच से सात करोड़ का लेनदेन होता था।

उन्होंने कहा कि बैंक के काम नहीं रुके इसलिए महम रोड पर पंजाब नेशनल बैंक की दूसरी शाखा पर ग्राहक अपने काम करवा रहे है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेगी जिसके बाद रूटीन कार्य चलेगा।

सुरंग वाले मकान पर चल रहा है केस

मकान के मालिक महीपाल भनवाला बुधवार को पहुंचे और उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से कोर्ट से इस मकान पर पूजा ने स्टे ले रखा है। वह तीन साझेदारों ने मिलकर इस मकान को लिया था। इसमें एक का नाम सुरेश है दूसरे का नाम वह नहीं जानता। वहीं मकान को लकड़ी की प्लाई लगवाकर सील करने के बाद में महीपाल ने बताया कि उन्होंने तो ऐसा कुछ नहीं करवाया।

सुरंग देखने आ रहे लोग
पंजाब नेशनल बैंक में हुई सुंरग के माध्यम से चोरी पूरे क्षेत्र में एक चर्चा का विषय बन गई है। लोग दूर-दूर के गांव ये इसे देखने के लिये आ रहे हैं। जिसको सुंरग देखने का अवसर गेट से मिलता है तो वह गेट से अन्यथा खिड़की से उस सुरंग को देख कर वापस लौट रहे हैं। पूरा दिन जिस बंद मकान में सुरंग को बनाया गया है उसके सामने लोगों व महिलाओं का तांता लगा रहता है और देर सांय तक ये नजरा यूं का यूं ही रहता है।

धरने के कारण बंद है कामकाज
पिछले तीन दिन से पीड़ित लोग बैंक शाखा के ठीक सामने धरने पर बैठे हुए है। लोगों के द्वारा उनका पैसा व गहने वापिस दिए जाने की मांग की जा रही है। इसी कारण तीन दिनों से पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा में काम काज भी बंद है। इसी के चलते लोग इधर-उधर भटक रहे हैं और अपना काम करवाने के लिए बैंक की दूसरी शाखा महम रोड पर जा रहे हैं।

10-10 लाख मुआवजा मांगा
पंजाब नेशनल बैंक में सुरंग खोद कर की गई चोरी के पीड़ित 78 लॉकर धारक ग्राहकों ने सरकार से दस-दस लाख के अंतरिम मुआवजे की मांग की है और इसके लिए सरकार को 24 घंटे का समय दिया है।

पीड़ित लॉकर धारक बैंक को अंतरिम राहत न मिल जाए। उन्होंने कहा कि सरकार या स्वयं बैंक ने 10 लाख रुपये प्रति लॉकर की दर से अंतरिम राहत की अदायगी 24 घंटे के भीतर नहीं की, तो लॉकर धारक धरने से आगे कोई कड़ा कदम उठाएंगे।
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मिट्टी से सुराग खोजने में जुटी पुलिस

सुरंग बनाकर बैंक में चोरी का मामला उजागर हुए तीन दिन बीत गये हैं। पुलिस ने बुधवार को चोरों द्वारा एक कमरे में डाली गई मिट्टी को दूसरे कमरे में डलवाना शुरू किया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस मिट्टी के जरिये ही चोरों का कोई सुराग उन्हें हासिल हो जाए।

सुरंग से निकाली गई मिट्टी बहुत ज्यादा है चोरों ने मिट्टी को बड़े ही ठीक ढंग से लगाया था। इस लिए उस समय मिट्टी कुछ कम नजर आ रही थी, लेकिन अब अनुमान लगाया जा रहा है की करीब पांच बड़ी ट्रॉलियों को सुरंग से निकाली गई मिट्टी से भरा जा सकता है।
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