लिफ्ट से प्रकट होना और सेकेंडों में फिर छू मंतर होने वाला तथाकथित संत रामपाल चार्टर्ड एयर क्राफ्ट खरीदने की प्लानिंग में था। ताकि वह आसानी से हरियाणा से बाहर फैले अपने साम्राज्य में पहुंच सके।
पुलिस को इस मामले की भनक तब लगी जब आश्रम से एक इंडियन एयरलाइंस का पायलट पकड़ा गया। रामपाल के ऐसे लोगों से संपर्क पर पुलिस को शक हुआ तो पायलट ने सारे राज पुलिस के सामने उगल दिए। हालांकि पायलट को बेल मिल गई और अब वह वापस दिल्ली चला गया।
देश से बाहर भी जा सकता था रामपाल
पुलिस के सूत्रों का यह कहना है कि रामपाल ने पायलट से लेकर टेक्निकल व्यक्तियों को संपर्क में लिया हुआ था। प्रदेश सरकार व न्यायपालिका से बचने के लिए वह अपने इन्हीं साथियों की मदद से देश से बाहर निकलने की फिराक में था।
पुलिस सूत्रों की मानें तो देश से बाहर जाने की बात तो दूर, अगर रामपाल हरियाणा से बाहर मध्यप्रदेश में भी पहुंच जाता तो उसे गिरफ्तार कर पाना पुलिस के लिए सिरदर्द बन जाता।
कई उच्च शिक्षित थे रामपाल के भक्त
सतलोक आश्रम में जाने वालों में पढ़े लिखे लोग भी शामिल थे। ये शिक्षित होते हुए भी अंधविश्वास में गिरे हुए थे। टेक्निकल एजुकेशन से लेकर पीएचडी होल्डर धारक तक रामपाल के भक्त हैं। पुलिस ने 900 से अधिक संदिग्ध लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है। पुलिस हर एक व्यक्ति के आपराधिक रिकॉर्ड से लेकर उसकी पारिवारिक व शैक्षणिक जानकारी हासिल कर रही है।
‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ बनने की थी तैयारी
संत रामपाल हरियाणा के बाद मध्यप्रदेश, छतीसगढ, बिहार तथा नेपाल में भी अपना साम्राज्य फैलाना चाहता था। इसकी शुरुआत वह मध्यप्रदेश से कर चुका था। संत रामपाल नेपाल के एक टीवी चैनल पर अपने प्रवचन का विज्ञापन भी चलवाता था, जिसके बाद से नेपाल में भी उसके अनुयायी तैयार हो रहे थे।