पंजाब के गुरदासपुर में आई कैंप में ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी जाने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। घुमाण में आयोजित आई कैंप में ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों का रिकॉर्ड न तो डॉक्टर के पास है और न ही अस्पताल के पास।
प्रशासन के पास इतनी ही जानकारी है कि कैंप आयोजित करने वाला एनजीओ मथुरा का है। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन, आयोजक, डॉक्टर और एनजीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर डॉक्टर और आयोजक को गिरफ्तार कर लिया है। एसकेएम मथुरा (उत्तर प्रदेश) के एक एनजीओ ने सरहदी क्षेत्रों में आंखों का कैंप लगाने का निर्णय किया था।
इसके तहत एनजीओ ने आयोजक मनजीत जोशी के माध्यम से गुरु नानक मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल घुमाण के साथ मिलकर मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए। एनजीओ ने 31 अक्तूबर को घुमाण, 2 नवंबर को टांडा, 3 नवंबर को डेरा बाबा नानक और 4 नवंबर को गग्गोमाहल में कैंप आयोजित किए।
आंखों के 130 रोगियों की पहचान कर ऑपरेशन किए गए। ये ऑपरेशन जालंधर के डॉ. विवेक अरोड़ा की तरफ से किए गए, लेकिन ऑपरेशन के बाद 16 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई।
बटाला की डीएसपी हेडक्वार्टर जसवंत कौर रियाड़ ने बताया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर विवेक अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, देर रात पुलिस ने कैंप के आयोजक मनजीत जोशी को भी हिरासत में ले लिया। मनजीत फगवाड़ा का रहने वाला है।