दादा ने दुराचार किया था, पर पुलिस वालों ने पकड़ा नहीं। इसलिए बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए मां-बाप टंकी पर चढ़ गए और जान देने की कोशिश की। सूचना मिलते ही एसपी अमरजीत सिंह मटवानी समेत पुलिस अधिकारी और अकाली-भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। पिता ने बताया कि उनकी बेटी के साथ रिश्ते में लगता दादा लगता अवतार सिंह करीब एक साल से दुराचार कर रहा था।
वह उसे किसी को इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। किसी तरह से उनको पता चला तो उन्होंने 21 मार्च को पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। जांच के बाद 29 मार्च को पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया गया। 30 को आरोपी अवतार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी लोगों के दबाव में आकर उसकी गिरफ्तारी नहीं की जा रही थी। यही नहीं आरोपी खुलेआम उनकी बेटी और उनको जान से मारने की धमकियां देता था।
उसके डर से बेटी ने स्कूल जाना भी बंद कर दिया। पीड़िता के माता-पिता शनिवार को डीएसपी गुरविंद्र सिंह संघा के पास इंसाफ मांगने गए, लेकिन डीएसपी से संतोषजनक जवाब ने दिए जाने से आहत होकर दोनों ने टंकी पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलते ही एसपी अमरजीत सिंह मटवानी, थाना प्रभारी चंद्रशेखर और परमजीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने किशोरी के परिजनों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे नीचे उतरने को तैयार नहीं थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहा है, वहीं पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही। इस दौरान उन्होंने कई बार टंकी से नीचे लटकने का भी प्रयास किया। मौके पर पहुंचे शिअद-भाजपा के पदाधिकारियों ने भी उन्हें काफी देर तक समझाया। इसके बाद एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह स्वयं इस मामले की जांच कर शीघ्र ही आरोपी को काबू करेंगे। इसके साथ ही गठबंधन नेताओं ने भी दंपति को आश्वासन दिया अगर पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो वह पुलिस के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद दोनों टंकी से नीचे उतरे।