सट्टे वाली जगह में बिखरे पड़े ताश के पत्ते
सेक्टर-20 थाना प्रभारी अजय दिसोदिया ने बताया कि गुरुवार को दीपक का बयान दर्ज करने के लिए जांच अधिकारी अस्पताल गए थे, लेकिन हालत ठीक न होने के कारण डॉक्टरों ने बयान लेने से मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि शोरूम की पहली मंजिल से कूदकर जान बचाने वाले सन्नी का सेक्टर-छह स्थित सामान्य अस्पताल में ऑपरेशन हो गया है औप उसकी हालत पहले से बेहतर है, लेकिन अभी वह बयान दर्ज करवाने की स्थिति में नहीं है।
.32 और .9 एमएम की पिस्टल से हुई फायरिंग
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात में दो तरह की पिस्टल से फायरिंग की है। मौके से तीन जिंदा और तीन खोल बरामद हुए हैं । उनमें से .9 एमएम और .32 बोर के कारतूस हैं। पीजीआई में मृतक दीपक के कनपटी में किस पिस्टल की गोली लगी है इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
फायरिंग में दो नहीं तीन लोग घायल
जांच अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-20 में हुई फायरिंग की घटना में दो नहीं बल्कि तीन लोग घायल हुए हैं। पहला दीपक है, जिसने दे ररात दम तोड़ दिया। जबकि दूसरा युवक सन्नी है, जिसने जान बचाने के लिए कांच तोड़कर बिल्डिंग से छलांग लगाई थी। वहीं, तीसरा युवक का नाम मनोज बताया जा रहा है। इसके पैर में गोली लगी है और यह चंडीगढ़ के सेक्टर-32 अस्पताल में उपचाराधीन है।
सट्टेबाज जगह बदलकर करते हैं कारोबार
थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने दस दिन पहले ही सेक्टर-20 थाने का कार्यभार संभाला है। घटनास्थल पर सट्टे का कारोबार पिछले काफी समय से चल रहा था। लेकिन यहां रोजाना सट्टा नहीं खेला जाता था, बल्कि सट्टेबाज यहां कभी-कभी डेरा जमाते थे। इसलिए पुलिस को कानों-कान खबर नहीं थी।