बिना चेकिंग गाड़ी पास कराने को रिश्वत लेते पकड़े ईटीओ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वॉयस सैंपल लेने की मंजूरी मिल गई है। ईटीओ हनीष गुप्ता और एक अन्य आरोपी अमन को गुरुवार विजिलेंस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने की अपील की।
इस पर बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने विजिलेंस को इसकी मंजूरी दे दी। इसके बाद विजिलेंस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की। इस पर कोर्ट ने हनीष और अमन को न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि बुधवार को चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया निवासी सतबीर सिंह की शिकायत पर चंडीगढ़ विजिलेंस ने पंचकूला में तैनात ईटीओ हनीष गुप्ता और दलाल अमन को ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया था। विजिलेंस को दी शिकायत में सतबीर सिंह ने बताया था कि वह स्क्रैप व्यापारी हैं और उनकी स्क्रैप की गाड़ियां चंडीगढ़ से हिमाचल के कालाअंब वाया पंचकूला होकर जाती हैं।
आरोप के अनुसार जब भी उनकी कोई गाड़ी निकलती है तो ईटीओ हनीष गुुप्ता उसे रोक लेते हैं और उन्हें जानबूझकर परेशान किया जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ समय पहले उनकी मुलाकात सेक्टर-36 निवासी अमन से हुई थी। उसने सतबीर सिंह से कहा कि वह ईटीओ से उनकी बातचीत करवाकर उनका समझौता करवा देगा।
इसके बाद उनकी गाड़ियां न रोकने की एवज में ईटीओ को 30 हजार रुपये देने की बात तय हुई। इसकी एवज में उनकी सभी गाड़ियां चेक किए बिना पास करवाने की बात तय हुई। इसके बाद सतबीर सिंह ने इसकी शिकायत चंडीगढ़ विजिलेंस को दी।
विजिलेंस टीम ने बुधवार दोपहर में ट्रैप लगाकर पहले दलाल अमन को सेक्टर-26 स्थित ग्रेन मार्केट से रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद पंचकूला स्थित ऑफिस में ट्रैप लगाकर आरोपी ईटीओ हनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया।