धोखाधड़ी का एक रहस्यमयी मामला सामने आया। युवक ने जब अपने खाते का बैलेंस चेक किया तो उसके होश उड़ गए। जबकि उसका डेबिट कार्ड उसके जेब में ही था। मामला पंजाब के खरड़ का है।
युवक की जेब में उसका डेबिट कार्ड था। लेकिन बिना किसी लेनदेन व शॉपिंग किए बैंक खाते से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ट्रांजेक्शन हो गया और उसे बिना वजह हजारों रुपये का चूना लग गया। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घडुआं कैंपस में कैरियर डेवलपमेंट विभाग में एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर तैनात प्रदीप कुमार बंसल ने बताया कि उनके फोन पर कल एक मैसेज आया कि लखनऊ में उनके खाते से 14 हजार एक सौ रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है।
उन्होंने बताया कि वह कभी भी लखनऊ नही गए और जब मैसेज आया था तो वह अपने ऑफिस में मौजूद थे। उनका आईसीआईसीआई बैंक का डेबिट कार्ड भी उनके पास ही था, परंतु फिर भी उनके बैंक खाते से हजारों रुपये कैसे निकल गए, यह उनकी समझ से परे है। प्रदीप कुमार बंसल ने तुरंत अपने डेबिट कार्ड समेत अन्य जानकारी को ब्लॉक करवा दिया।
इसके बाद प्रदीप कुमार बंसल ने बैंक की ग्राहक सेवा पर संपर्क करके सारी जानकारी देते हुए पैसे वापस करने के बारे में पूछा तो संबंधित अधिकारी पल्ला झाड़ते हुए नजर आए। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात है कि यह मैसेज 22 दिसंबर को प्रदीप कुमार बंसल को मिल गया था, जबकि मैसेज में बैंक द्वारा जो तारीख दर्शाई गई थी, वह 24 दिसंबर थी।
इस संबंधी जब उन्होंने दोबारा कस्टमर केयर से संपर्क किया तो संबंधित अधिकारी ने इस तारीख को 22 दिसंबर की जगह 24 दिसंबर बताने में बैंक की गलती को कबूल किया। प्रदीप कुमार बंसल ने इस ठगी में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है।