ठियोग (रामपुर बुशहर)। दोस्त के साथ बर्थडे मनाने जा रहे छह युवकों को क्या मालूम था कि वे क्रिसमस भी नहीं मना पाएंगे। देवीमोड़ कार हादसे में बर्थडे ब्वॉय समेत चार दोस्त सदा के लिए बिछुड़ गए। शिमला से नारकंडा के बीच कुफरी तक सर्दियों में कई ऐसे डेंजर जोन हैं जहां सड़क पर कोहरा जमने से गाडि़यां स्किड हो जाती है। छह दोस्तों ने कार से डेंजर जोन कुफरी के कोहरे को पार कर लिया, लेकिन वहां हादसे का शिकार हो गए जहां कोहरा नहीं पड़ता।
मंगलवार को ठियोग के देवी मोड़ के पास हुए सड़क हादसे के बाद उनके परिजनों के लिए क्रिसमस का जश्न मातम में बदल गया। इस कार हादसे ने समूचे इलाके को भी झकझोर कर रख दिया। फरीदाबाद से छह दोस्त मंगलवार तड़के ही राजधानी शिमला पहुंचे थे। क्रिसमस पर इन दोस्तों को नारकंडा पहुंचना था। उनकी योजना नारकंडा की वादियों को निहारने की थी, लेकिन रास्ते में छह में से चार युवकों को जान गंवानी पड़ी।
शवों को सड़क तक पहुंचाने में लग गए कई घंटे
देवी मोड़ के पास हुए हादसे के घायलों को होमगार्ड और पुलिस के जवानों ने 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हादसे के दौरान चार शवों और दो घायलों को ढाई सौ मीटर गहरी खाई से निकालने में जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों के रेस्क्यू के बाद शवों और घायलों को घटनास्थल से सड़क तक पहुंचाया गया।
पहले भी हो चुके कई हादसे, बनाया है मंदिर
जिस जगह यह दुर्घटना हुई वहां बीते कई दशकों से हादसे हो रहे हैं। देवताओं के गुरों और क्षेत्र के बुजुर्ग लोगों ने यहां मंदिर तो बना दिया, लेकिन हादसों पर आज तक विराम नहीं लग पाया है।