युवती की मौत के बाद उसके परिजनों ने जीएमएसएच 16 में मंगलवार रात को हंगामा किया। इसके चलते अस्पताल में पुलिस बुला ली गई। बाद में डीएमएस के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
रामदरबार के मोनू पाल ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उसकी बहन कांता की मौत हो गई। उसका कहना है कि मंगलवार सुबह कांता को बुखार था। उसे सेक्टर 16 अस्पताल लेकर आए। कांता को इमरजेंसी में रखा गया। शाम के वक्त उसे वार्ड में भेज दिया गया। रात में उसकी तबियत खराब होने लगी। इमरजेंसी के डाक्टरों को सूचना दी गई , लेकिन वे नहीं आए और कहा कि मरीज को नीचे लाएं। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। जब कांता ने दम तोड़ दिया तब डाक्टर ऊपर आए और लीपापोती करने लगे। मोनू ने इस मामले में सेक्टर 17 पुलिस थाने में भी शिकायत दी है।
देर रात आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मरीज के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। हालात को देखते हुए अस्पताल में पुलिस बुला ली गई। हंगामे की सूचना मिलने पर डीएमएस डॉ. दीवान अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों से बातचीत की। डॉ दीवान ने युवती के परिजनों को आश्वासन दिया कि बुधवार को वह मामले को देखेंगे और अगर कोई डॉक्टर ड्यूटी में कोताही का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद परिजन शांत हुए।