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एनआरआई महिला का पासपोर्ट रिलीज करने की याचिका खारिज

Fri, 24 Jun 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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पासपोर्ट के लिए लगती है लंबी वेटिंग
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यूके से आई एक एनआरआई अमृत कौर का पासपोर्ट रिलीज करने संबंधी याचिका जिला अदालत की वेकेशनल बैंच ने खारिज कर दी है।
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अदालत के अनुसार महिला और उसके परिवार पर चंडीगढ़ में आपराधिक धाराओं में केस दर्ज है। अगर उसका पासपोर्ट रिलीज किया गया तो वह विदेश भाग सकती है। इस आधार पर आरोपी का पासपोर्ट रिलीज करने का कोई आधार नहीं बनता। आरोपी 15 दिन के लिए यूके जाने के लिए कोई ठोस कारण नहीं दे पाई है। कोर्ट के अनुसार अगर उसका पासपोर्ट रिलीज किया गया तो आरोपी विदेश भाग सकती है। वैसे भी पहले उसने हाईकोर्ट के आदेश की पालना करने संबंधी कोई तत्परता नहीं दिखाई थी।  

इससे पहले 16 जून को निचली अदालत ने एनआरआई का पासपोर्ट रिलीज करने के आदेश जारी कर दिए थे। इस फैसले के खिलाफ विवाहिता ने सेशन कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर की थी। इससे पहले अमृत कौर ने अपना पासपोर्ट रिलीज करने के साथ ही विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। उसका पासपोर्ट उस वक्त जब्त किया गया जब वह मार्च में दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लंदन से यहां आई थी। 
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अमृत कौर, उसके पति डॉ. कुलदीप सिंह, बेटे और विवाहिता के पति जीतवर सिंह के खिलाफ सेक्टर-35 निवासी नवविवाहिता ने वुमन पुलिस स्टेशन सेक्टर-17 में 4 नवंबर 2015 को विश्वासघात, दहेज प्रताड़ना, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज कराया था। इस पर तीनों के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। इसके बाद अमृत कौर को दिल्ली एयरपोर्ट से इसी साल 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया था।
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यह है मामला

सात दिनों में बन जाएगा पासपोर्ट
28 जून 2015 को सिटी बेस युवती (शिकायतकर्ता) की शादी अमृत कौर के बेटे जीतवर सिंह के साथ सेक्टर-34 के गुरुद्वारे में हुई थी।

शादी के 3 दिन बाद उसका पति, सास-ससुर यूके चले गए। साथ ही वह दहेज में मिली लाखों की ज्वेलरी, कैश सहित कीमती तोहफे भी ले गए। शिकायतकर्ता के अनुसार शादी के बाद वह वादा कर गए थे कि वीजा संबंधी कार्रवाई पूरी करवाने के बाद वह उसे स्पाउस वीजा पर यूके बुला लेंगे। लेकिन, शादी के कई दिन बाद उनकी तरफ से कोई पहल नहीं की गई।

बाद में उस पर दबाव डाला गया कि खुद को अविवाहित बताकर विजिटर वीजा पर यूके आ जाए। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने उनसे शादी सोची समझी साजिश के तहत की थी। इसी कारण वह ज्वेलरी और अन्य सामान ले गए, लेकिन साथ नहीं ले गए। उन्होंने न तो उसे यूके बुलाया और न ही खुद भारत आए। 

हाईकोर्ट से की थी एफआईआर रद्द करने की अपील 
आरोपी अमृत कौर की दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद वहां की कोर्ट से उनका पासपोर्ट चंडीगढ़ की जिला अदालत में जमा कराया गया था। एनआरआई महिला ने हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने के साथ ही आगे की जांच पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी। इस पर शिकायतकर्ता पक्ष ने याचिका का विरोध किया गया था।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद समझौते की संभावना के मद्देनजर उनका मामला मीडिएशन एंड काउंसिलिंग सेंटर में भेज दिया था। साथ ही दोनों पक्षों को 12 जुलाई को पेश होने के आदेश दिए थे। इससे पहले ही अमृत कौर ने ट्रायल कोर्ट में पासपोर्ट रिलीज कराने की अर्जी दायर कर दी। 
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