पुलिस शहर में आटो नंबर प्लेट रीडिंग (एएनपीआर) सिस्टम लगाने जा रही है। इससे अपराधियों के लिए पुलिस से बच पाना मुश्किल हो जाएगा।
सिस्टम के लग जाने के बाद जिस-जिस रास्ते से अपराधी गुजरेंगे, तुरंत उसका पता पुलिस को लग जाएगा।
लोकेशन मिलने के बाद पीसीआर अपराधियों को भागने से पहले ही काबू कर लेगी। एएनपीआर के लिए ट्रैफिक पुलिस लाइट प्वाइंट और चौराहों पर हाई क्वालिटी के नाइट वीजन कैमरे लगवा रही है।
नाइट वीजन कैमरों से पुलिस रात के समय होने वाली आपराधिक वारदात पर नजर रख सकेगी।
वांटेड वाहन आपने आप होंगे डिटेक्ट
आपराधिक वारदातों में प्रयोग किए गए वाहनों की तलाश में एएनपीआर सिस्टम बहुत फायदेमंद होगा। पुलिस इस सिस्टम में वांटेड वाहनों के नंबर डाल देगी।
जब भी वांटेड नंबरों की गाड़ी सिस्टम को दिखाई देगी तो उसी समय पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाएगा। सिस्टम पुलिस को गाड़ी की लोकेशन और केस की जानकारी कंप्यूटर पर दिखा देगा।
इसके जरिये पुलिस आपराधिक वारदात में शामिल वाहनों को पकड़ सकेगी।
ऑटोमेटिक होंगे चालान
एएनपीआर सिस्टम लगने पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को ऑटोमेटिक चालान हो जाएंगे। ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालक की गाड़ी का नंबर नोट हो जाएगा।
एएनपीआर सिस्टम के साथ चंडीगढ़ में रजिस्ट्रड वाहनों का पूरा डाटा होने पर सिस्टम से गाड़ी का पूरा ब्यौरा आ जाएगा। कंप्यूटर अपने-आप गाड़ी के मालिक का चालान प्रिंट कर देगा।
एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी ने बताया कि पुलिस शहर में आटो नंबर प्लेट रीडिंग सिस्टम लगाने जा रही है। इससे अपराधिक और ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पुलिस की नजर से बच नहीं सकेंगे।