पंजाब शिक्षा विभाग ने अध्यापकों की स्कूलों में उपस्थिति यकीनी बनाने और बिना किसी कारण ‘ऑन ड्यूटी’ बताकर स्कूलों से गायब रहने पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में अध्यापकों पर नजर रखने के लिए मूवमेंट रजिस्टर लगाने का फैसला किया गया है।
इसके अलावा अनावश्यक कामों के लिए ऑन ड्यूटी होने पर संपूर्ण रोक लगा दी गई है। अत्यावश्यक काम होने की सूरत में ही कोई भी अध्यापक या कर्मचारी अब अपने से सीनियर अधिकारी से आज्ञा लेकर मूवमेंट रजिस्टर में ‘ऑन ड्यूटी’ का विवरण देकर ही फील्ड में जा सकेंगे।
यह जानकारी देते हुए डीपीआई (सेकेंडरी शिक्षा) बलबीर सिंह ढोल ने बताया कि इसके तहत स्कूलों की निरंतर चेकिंग की जा रही है। चेकिंग के दौरान स्कूलों में पाई गई कमियों के कारण ही यह फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि चेकिंग के समय यह बात सामने आई कि कई अध्यापक ‘ऑन ड्यूटी’ स्कूल से बाहर होते थे और स्कूल में इसका कोई रिकॉर्ड भी दर्ज नहीं होता था। कई बार टेंपरेरी रजिस्टर पर अवश्य विवरण पाया गया, लेकिन बाद में उससे छेड़छाड़ की जाती थी।
ढोल ने कहा कि यह मामला शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा और विभाग के प्रमुख सचिव सी. राउल के ध्यान में लाया गया। इसके बाद उक्त फैसला लिया गया है।
इसके तहत अब सभी स्कूलों, जिला शिक्षा कार्यालयों को निर्देश जारी करके कहा गया है कि प्रत्येक स्कूल और कार्यालय में मूवमेंट रजिस्टर लगाया जाएगा, जिसके पन्नों की गिनती संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी सत्यापित करेंगे।