सरकार द्वारा बेटियों का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए बेशक तमाम तरह की योजनाएं चलाई जा रही हों, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि बच्चियों को आज भी बोझ माना जा रहा है। मानवता को तार-तार करते हुए मंगलवार रात एक मां ने अपनी एक दिन की बच्ची को कूड़े के ढेर पर फेंक दिया।
इतनी सर्द रात में इस मां ने अपनी नवजात बच्ची को मरने के लिए वहां छोड़ दिया, लेकिन कहते हैं कि जाको राखे साईंया मार सके न कोए। बुधवार सुबह बस अड्डे के पास लगे कचरे के ढेर पर राहगीरों ने इस बच्ची को देखा और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने बच्ची को बरवाला अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से उसे हिसार सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। अब बच्ची का निकू वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टर बता रहे हैं कि उसकी हालत खतरे से बाहर है।