टॉयलेट के डस्टबिन से बच्चे का शव मिलने की सूचना पूरे अस्पताल में फैल गई। इमरजेंसी के बाहर बच्चे को देखने के लिए भी लोगों का तांता लग गया। हालांकि भीड़ को देखते हुए डॉक्टर ने इमरजेंसी में हर किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, जीवित पैदा हुआ था बच्चा
अस्पताल के महिला शौचालय से मिले नवजात के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के दो सदस्यीय बोर्ड ने किया। इसमें चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. रविंद्र और डॉ. रमेश कामरा शामिल थे। डॉ. कामरा ने बताया कि बच्चे की मौत गला दबाने से हुई है।
बच्चा जिंदा पैदा हुआ था। सुबह करीब नौ बजे जिस समय बच्चा मिला, उससे करीब पांच घंटे पहले बच्चे की गला दबाने के कारण मौत हुई है। उन्होंने कहा कि अकसर इतने लंबे समय तक शव अकड़ जाता है, लेकिन गर्मी अधिक होने के कारण बच्चे की शव में अकड़न नहीं बनी।
मैं टॉयलेट की सफाई करने के लिए गई थी। डस्टबिन को साफ करने के लिए उठाया तो उसमें आम दिनों से वजन कुछ ज्यादा लगा। इस पर उसे चेक किया तो एक पॉलीथीन बंद था, उसी में वजन था। उसे थोड़ा सा खोला तो उसमें बच्चा था। मैंने तुरंत इसकी सूचना इमरजेंसी में जाकर डॉक्टर मैडम को दी। -प्रीति, सफाई कर्मी, नागरिक अस्पताल, हिसार।
सुबह करीब नौ बजे ड्यूटी पर थी तो प्रीति ने आकर बच्चा होने की सूचना दी। मौके पर जाकर देखा तो पॉलीथीन में बांधकर बच्चे को डस्टबिन में डाला हुआ था। उसे वहां से उठाकर इमरजेंसी में लाया गया। बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी। बच्चा मेल है और उसका जन्म भी सही समय पर हुआ लग रहा है। सूचना पीएमओ को दे दी गई। - डॉ. स्नेह, इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक।
मुझे मामले की सूचना मिली है। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनकी फुटेज चेक की जाएगी कि टॉयलेट में बच्चे को किसने डाला है। पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी। - डॉ. संजय दहिया, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार।
सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचकर बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया। शाम को डॉक्टरों के बोर्ड ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया है। इस मामले में धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज हुआ है। आज छुट्टी है, सोमवार को अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएगी, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। - एएसआई कृष्ण कुमार, प्रभारी अनाज मंडी चौकी, हिसार।