शहर निवासी एक और युवती पुलिस की नाकामी की भेंट चढ़ गई। लड़कियों को सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली पुलिस ने नेपाली युवती के लापता होने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
दरिंदगी का शिकार हुई युवती के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की बड़ी बहन का कहना है कि जीते जी उसकी बहन ने खूब दर्द सहा, लेकिन मौत उससे भी ज्यादा दर्दनाक मिली। एक फरवरी को वे दिनभर उसकी तलाश करते रहे और शाम को गांधी कैंप चौकी में मामला दर्ज कराया।
तस्वीर- रोहतक के समाजसेवी पीड़िता के परिजनों के साथ।
दरिंदे बलात्कारियों ने पार कर दी थी सारी हदें
आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसकी बहन की रेप के बाद हत्या कर दी गई। दरिंदगी भी ऐसी की इंसानियत ही मर जाए। दरिंदों ने हर हद पार कर दी। अब पुलिस बार-बार पूछताछ करने आ रही है।
हत्यारों की सूचना देने पर ईनाम की घोषणा कर रही है, लेकिन अब क्या फायदा? एक फरवरी से लेकर 4 फरवरी तक कोई पूछने तक नहीं आया और न ही किसी पुलिसवाले ने फोन किया।
यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो उसकी बहन जरूर मिल जाती। उन्हें अब बस दरिंदों की गिरफ्तारी और फांसी की सजा का इंतजार है। इंसानियत को हिला देने वाले हादसे के बाद पूरा परिवार खुद को संभाल नहीं पा रहा है।
घर से बाहर नहीं जाती थी युवती
परिजनों का कहना है कि युवती मानसिक रूप से परेशान थी और इलाज चल रहा था। यादाश्त कभी चली जाती तो कभी लौट आती। वह घर से बाहर भी नहीं निकल पाती थी।
बड़ी बहन कहती हैं कि उसे दो माह पहले वे नेपाल से यहां इलाज के लिए लेकर आए थे। अगर पता होता कि रोहतक में उसके साथ ये हश्र होगा तो वे कभी भी ऐसा नहीं करते। पता नहीं उस दिन कैसे घर से बाहर निकल गई?
किसी पर शक नहीं
मृतका की शहर निवासी बहन का कहना है कि उन्हें किसी पर शक नहीं है। किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। बहन का कहना है कि वह सुबह काम पर चली जाती और दोपहर में आती। उसका भाई व बहन उसके पास ही रहते थे।