आर्थिक तंगी से जूझ रहे राष्ट्रीय स्तर के स्कूली खेलों में एथलीट रहे एक नौजवान किसान ने घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मामला पंजाब के सुनाम (संगरूर) का है। मृतक किसान के सिर पर साढे़ चार लाख रुपये का कर्ज था और मात्र डेढ़ एकड़ जमीन का मालिक था। कर्ज उतारने में लगातार नाकाम होने के चलते दो बेटियों के पिता ने मौत को गले लगा लिया।
गांव शाहपुरकलां के नौजवान किसान सुखबीर सिंह (32) ने अपने घर में उस वक्त फंदा लगाकर अपनी जान दे दी जब पूरा परिवार गांव में ही एक भोग समागम में गया हुआ था। घर लौटकर सुखबीर सिंह की पत्नी ने उसे फंदे से लटका पाया।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला अध्यक्ष अमरीक सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष जसवंत सिंह, गुरमेल सिंह, जग्गर सिंह, गुरभगत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के एथलीट होने के बावजूद कर्ज ने नौजवान किसान को आत्महत्या करने के लिए विवश कर दिया है। यूनियन की ओर से पिछले दस दिन से कर्ज माफ की मांग को लेकर बठिंडा में आंदोलन किया जा रहा है लेकिन पंजाब सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने मांग की कि मृतक किसान का कर्ज माफ करके पांच लाख रुपये की सहायता तुरंत की जाए। मृतक किसान की पत्नी को सरकारी नौकरी व उसकी दोनों बेटियों की शिक्षा का खर्च सरकार उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण पंजाब का किसान मौत को गले लगा रहा है। दूसरी तरफ पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रर्वाई करके लाश परिजनों को सौंप दी है।