रेखा शर्मा शुक्रवार को मोंगीनंद स्थित हरियाणा पुलिस लाइन में मीटिंग लेते हुए।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने कहा है कि प्रदेश के हर पुलिस थाने में महिला डेस्क होनी चाहिए। क्योंकि जिस उद्देश्य से महिला थाने बनाए गए थे, वह उस पर खरे नहीं उतर रहे हैं। हरियाणा में सरकार भले ही महिला थानों की कार्रवाई से संतुष्ट हो, लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग की पिछले दो दिन से प्रदेश के छह जिलों की रिपोर्ट कार्ड से आयोग को निराशा ही हाथ लगी है।
प्रदेश की पुलिस ने केसों में ठीक से पैरवी नहीं की या फिर पीड़ित पक्ष के बयान में हेरफेर किया है, ऐसा आयोग ने पाया है। सवालों में घिरी हरियाणा पुलिस को आयोग ने महिलाओं के केसों में लापरवाही बरतने पर फटकार लगाई है। रेखा शर्मा शुक्रवार को मोंगीनंद स्थित हरियाणा पुलिस लाइन में महिलाओं के केसों की सुनवाई करने पहुंची थीं। इस दौरान हरियाणा के छह जिलों से करीब 50 मामलों की सुनवाई हुई।
बैठक में कैथल, अंबाला, करनाल, यमुनानगर, पंचकूला और कुरुक्षेत्र की पीड़ित महिलाओं के केसों से जुड़े पुलिस अधिकारी समेत दोनों पक्ष मौजूद थे। रेखा शर्मा ने बताया कि वह हरियाणा से पहले उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पीड़ित महिलाओं के केसों की जांच कर चुकी हैं। उन्हें वहां के मुकाबले हरियाणा में अधिक निराशा हाथ लगी है। पीड़ितों का बयानों में कहना है कि पुलिस उनके बयान को ठीक से नहीं लिखती। केसों में आरोपी पक्ष को ही ढाल बना कर पीड़ित को तंग किया जाता है।
उन्होंने बैठक में आए केस का खुलासा करते हुए बताया कि दहेज हत्या की शिकार हुई एक महिला के परिवार ने बताया कि आरोपी पक्ष ने उनकी मृतक बेटी के अकाउंट की डिटेल और यहां तक बेटी के ज्यादा पढ़े-लिखे होने पर एतराज जताया था। पुलिस ने जो बयान लिये उसमें साफ था कि पुलिस आरोपी के अलावा सह आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
रेखा शर्मा ने बताया कि हरियाणा में महिला थाना स्टाफ के लिए महिलाओं ने शिकायत की है। जहां तक थानों में आने वाली शिकायतों का सवाल है, उन्हें जांचकर्ता गंभीरता से लेने की बजाए टालने की कोशिश करता है।