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सेंट्रल जेल में कैदी की हत्या कर बोला 'कातिल', 'काली मां को बलि दी है'

Thu, 25 Aug 2016 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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Prisoners Murder - फोटो : Amar Ujala
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सेंट्रल जेल में बुधवार सुबह एक हत्यारोपी कैदी ने सो रहे साथी हत्यारोपी कैदी की ईंट मार कर निर्मम हत्या कर दी। वारदात, पंजाब के लुधियाना स्थित सेंट्रल जेल में हुई। आरोपी ने हत्या करने के बाद कहा कि उसने हत्या नहीं बल्कि मां काली को इसकी बलि दी है। 
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हत्या करने के लिए आरोपी ने ईंट का इस्तेमाल किया। आरोपी ने मृतक के सिर पर चार से पांच बार हमला किया। जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। कैदी की मौत की खबर सुनते ही जेल सुपरिटेंडेंट सुरिंदर पाल खन्ना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी को काबू किया तो वहां मौजूद अन्य कैदियों ने जेल अधिकारियों से कहा कि आरोपी ने हत्या करने के बाद कहा कि उसने हत्या नहीं बल्कि मां काली को इसकी बलि दी है।

पुलिस ने पिलहाल आरोपी को जेल में अलग जगह पर शिफ्ट कर दिया। घायल को इलाज के लिए सिविल अस्पताल भेजा, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। 

ईंट को अच्छे से धोने के बाद किया कत्ल

Prisoners Murder - फोटो : Amar Ujala
मृतक की पहचान चंद्र नगर के रहने वाले संजीव कुमार (28) के रुप में हुई है। सूचना मिलने के बाद एडीसीपी 4 जसविंदर सिंह, एसीपी सौरव जिंदल, थाना डिविजन सात के एसएचओ इंस्पेक्टर हेमंत शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंच गए।

पुलिस ने जांच के बाद संजीव का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम की मौजूदगी में वीडियों रिकार्डिंग के दौरान तीन डाक्टरों के बोर्ड ने संजीव कुमार के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर आरोपी अरुण कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

जेल सुपरिटेंडेंट सुरिंदर पाल खन्ना ने कहा कि मृतक संजीव कुमार अप्रैल 2011 से जेल में हत्या के आरोप में बंद था, जबकि आरोपी अरुण 2012 में हत्या के आरोप में जेल में आया था। संजीव कुमार के साथ उसका चचेरा भाई भी हत्या के आरोप में जेल के अंदर बंद है। संजीव और अरुण एक साथ इकट्ठा रहते थे और जेल में खाना भी बनाते थे। काफी समय दोनों एक साथ ही बिताते थे तो लिहाजा किसी तरह की कोई रंजिश नहीं थी। एसपी खन्ना ने कहा कि आरोपी अरुण कुमार ने अपने बिस्तर के पास माता की फोटो रखी हुई है और वह रोजाना मां काली का पाठ करता था। 
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'हत्या नही बल्कि मां काली को बलि दी'

Prisoners Murder - फोटो : Amar Ujala
रोजाना की तरह बुधवार की सुबह वह पाठ कर रहा था। इसी दौरान वह बैरक से बाहर गया और उसने एक ईंट उठाई। ईंट को पानी से अच्छी तरह धोने के बाद उसने अपने साथ सो रहे संजीव के सिर पर चार से पांच बार मार दी। जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया। संजीव के चीखने की आवाज सुन अन्य कैदी उठ गए तो उन्होंने अरुणको किसी तरह काबू किया तो उसने कहा कि उसने संजीव की हत्या नहीं की है बल्कि मां काली को उसकी बलि दी है।

जेल प्रशासन के आने के बाद उसे किसी तरह से काबू किया गया और अकेले को अलग जगह पर शिफ्ट कर दिया ताकि वह किसी ओर को कोई नुकसान न पहुंचा सके। कैदी की हत्या की सूचना मिलते ही जिला पुलिस की तरफ से एडीसीपी 4 जसविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंच गए। एसीपी पूर्वी सौरव जिंदल ने कहा कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। संजीव का शव भी पोस्टमार्टम के बाद वारिसों के हवाले कर दिया है। पुलिस आरोपी अरुण को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। जिसकी कार्रवाई शुरु कर दी गई है।  
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