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लूटपाट करने के बाद दुकानदार की हत्या की थी, दो को उम्रकैद

Tue, 19 Apr 2016 08:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जेल
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लूटपाट करने के बाद सेक्टर 22 में दुकानदार की हत्या करने वाले दो युवकों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उम्रकैद की सजा सुनाई। जुलाई 2012 में लूट के इरादे से सेक्टर-22 के राज प्रोविजन स्टोर के मालिक कैलाश चंद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सजा पाने वालों में सेक्टर 22-बी निवासी संचित वर्मा तथा मिल्क कालोनी, धनास निवासी नाज्जर खान हैं।
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नाज्जर खान को कोर्ट ने हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, आपराधिक साजिश रचने, लूट व ट्रैसपासिंग की धाराओं में दोषी पाया है, जबकि संचित को आर्म्स एक्ट की धाराओं को छोड़ बाकी सभी धाराओं में सजा दी गई है। अदालत ने नाज्जर खान पर 41 हजार और संचित वर्मा पर 38 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। वहीं वारदात में शामिल तीसरे नाबालिग आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में केस विचाराधीन है। तीनों के खिलाफ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने उक्त धाराओं में केस दर्ज किया था। 

वारदात 26 जुलाई 2012 की है। रात करीब 11 बजे सेक्टर-22ए में रहने वाले मदन लाल सेक्टर-22 स्थित भाई कैलाश चंद की राज प्रोविजनल डिपार्टमेंटल स्टोर पर पहुंचे। उस समय दुकान में कैलाश चंद, मदन लाल और उनका नौकर तिलक राज मौजूद था। कैलाश भाई मदन लाल के साथ दुकान पर कैश गिन रहे थे। इसी दौरान दो युवक दुकान में घुसे, जबकि तीसरा दुकान के बाहर पहरा देने लगा। दोनों युवकों में से एक ने दुकान में घुसते ही दोनों भाइयों पर पिस्टल तान दी।
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इसके बाद एक ने कैलाश के गले से उसकी सोने की चेन और वहां रखा कैश लूट लिया। इसका मदन और तिलक ने विरोध किया तो उनमें से एक युवक ने देसी रिवाल्वर से उन पर फायर कर दिया। इससे कैलाश चंद के पेट और छाती पर गोलियां लग गईं। वहीं मदन की भी पीठ पर गोली लग गई। इसी बीच नौकर तिलक हिम्मत दिखाते हुए हमलावरों से भिड़ गया। इससे रिवाल्वर वहीं गिर गई। इस पर उनमें से एक युवक ने चाकू निकालकर तिलक को जख्मी कर दिया।

इस दौरान शोर सुनकर आसपास के दुकानदार और लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने में सफल रहे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कैलाश, मदन और तिलक को जीएमएसएच-16 ले गई। वहां मदन और कैलाश की हालत खराब होते देख उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान कैलाश चंद की मौत हो गई थी।

वारदात के बाद सेक्टर-17 पुलिस थाने ने तीनों के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात के अगले दिन 27 जुलाई को ही संचित वर्मा को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी निशानदेही पर ही नाज्जर खान को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से लूटे गए पैसे, सोने की चेन और चांदी का कड़ा बरामद हुआ था। वहीं तीसरे जुवेनाइल को पुलिस ने 1 अगस्त को पकड़ा था। 
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